जालंधर, जेएनएन। किसानों के आंदोलन के चलते पंजाब में कोयला, पेट्रोल, यूरिया सहित अन्य खाद्यानों का संकट छा गया था। इस संकट को दूर करने के लिए रेलवे की तरफ से तीन मालगाड़ियां मंगलवार दोपहर साढ़े तीन बजे तक पंजाब में प्रवेश करवाई गई। एक 42 डिब्बों की मालगाड़ी यूरिया खाद और दूसरी 56 बाक्स कोयला लेकर आई, जबकि रात सवा 12 बजे पैट्रोल मालगाड़ी आई। इससे पहले रेलवे की तरफ से दोपहर करीब 12 बजे कोविड स्पेशल पार्सल ट्रेन चलाई गई थी।

राज्य सरकार के लिए यह एक बड़ी चुनौती थी कि वे किसानों को किसी तरह से शांत कर जल्द से जल्द अपने पर मंडरा रहे संकट को दूर कर राहत पाए। इसके लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खुद जिम्मेदारी लेते हुए किसानों को शांत कराया, जिसके बाद यात्री और माल गाड़ियों का संचालन शुरू किया गया। राज्य सरकार की तरफ से रेलवे से अपील भी की गई है कि वे जल्द से जल्द पेट्रोल, यूरिया, कोयला आदि जरूरी सामानों को डिलीवरी पंजाब में सुनिश्चित कराए। बिजली के संकट को भी समय रहते ही दूर किया जा सके। इन्हीं कारणों के चलते रेलवे की तरफ से यात्री ट्रेनों के साथ-साथ ज्यादा से ज्यादा मालगाड़ियां चलाकर राज्य सरकार पर आए संकट को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

बता दें कि मंगलवार से जालंधर से यात्री ट्रेनें रवाना हुई। पहले दिन 15 ट्रेनों ने जालंधर में प्रवेश करेंगी, जबकि बुधवार को चार ट्रेनें आएंगी। इन 15 ट्रेनों में जालंधर से नौ ट्रेनें बनकर चलेंगी, जबकि छह ट्रेनें जालंधर में प्रवेश करके अमृतसर को रवाना होंगी। जालंधर स्टेशन पर सबसे पहली ट्रेन गोल्डन टेंपल (2903) ने सुबह 5.30 बजे प्रवेश किया, जबकि जालंधर से सुबह 8.10 बजे अमृतसर बांद्रा टर्मिनल रवाना हुई। ट्रेनों के संचालन संबंधी रेलवे ने यात्रियों को संदेश भी भेजे हैं, ताकि वे अंबाला के बजाय जालंधर से ही ट्रेनें पकड़ सकें। इससे यात्रियों मे खुशी है।

 

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