Punjab News: बारिश बनी मुसीबत, आप ने किए 95 करोड़ जारी, 100 से ज्यादा सड़कों का निर्माण में फिर भी देरी
संसदीय उपचुनाव में जीत के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जालंधर जिला के लिए 95 करोड़ रुपये की ग्रांट जारी की थी। इसमें से 43 करोड़ रुपये देहात और 52 करोड़ रुपये नगर निगम की हद में खर्च किया जाना है। कुछ सड़कों को नगर निगम ने बना दिया है लेकिन जिस तरह से बिन मौसम बरसात हुई है उससे लगता है कि नगर निगम अभी निर्माण से बचना चाहेगा।

जालंधर, जागरण संवाददाता। प्री मानसून और मानसून की वर्षा शहर में होने वाले विकास कार्यों में रुकावट बनती जा रही है। नगर निगम ने करीब 52 करोड़ रुपये से ज्यादा के विकास कार्यों, खास तौर पर सड़कों के काम के टेंडर जारी कर दिए हैं। मामला बरसात पर आकर फंस रहा है तो शहर में सड़कों का निर्माण मुश्किल हो जाएगा। करीब 150 सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर लगाए गए थे और अभी भी इनमें से करीब 100 सड़कें बनाई जानी हैं। सबसे अधिक रुकावट लुक बजरी की सड़कों के निर्माण में आ सकती है, क्योंकि वर्षा के दौरान इनका निर्माण संभव नहीं होता।
बिन मौसम बरसात से मुसीबत
संसदीय उपचुनाव में जीत के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जालंधर जिला के लिए 95 करोड़ रुपये की ग्रांट जारी की थी। इसमें से 43 करोड़ रुपये देहात और 52 करोड़ रुपये नगर निगम की हद में खर्च किया जाना है। कुछ प्रमुख सड़कों को नगर निगम ने बना दिया है, लेकिन जिस तरह से बिन मौसम बरसात हुई है और अब आगामी दिनों में लगातार बरसात का अनुमान है तो नगर निगम सड़कों के निर्माण से बचना चाहेगा।
स्मार्ट रोड के काम भी रुक रहे हैं
आम आदमी पार्टी सरकार चाहती थी कि नगर निगम चुनाव से पहले सड़कों का निर्माण हो जाए, लेकिन बरसात से रुकावट पैदा हो रही है। यहीं नहीं स्मार्ट रोड के काम भी रुक रहे हैं। इसके अलावा सरफेस वाटर प्रोजेक्ट के लिए तोड़ी गई सड़कों का निर्माण भी नहीं हो रहा है। वहीं ग्रीन बेल्ट में सिविल वर्क, चौक सुंदरीकरण समेत अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
निगम चुनाव में भी हो सकती है देरी
बरसात की वजह से अगर विकास कार्य प्रभावित होते हैं तो नगर निगम के चुनावों पर भी असर पड़ेगा। पंजाब सरकार नगर निगम चुनाव से पहले सभी विकास कार्य करवा लेना चाहती है। यही कारण था कि सरकार ने ग्रांट जारी करके तुरंत काम शुरू करवाए थे, लेकिन मानसून से पहले हुई वर्षा ने काम में रुकावट डाल दी है। अब आगे मानसून है। ऐसे में चुनाव सितंबर के बाद ही संभव होंगे। निगम चुनाव के लिए वार्डबंदी का प्रक्रिया जारी है। एतराज लिए जा चुके हैं और इनके निपटारे पर काम हो रहा है। वहीं कांग्रेस और भाजपा वार्डबंदी के खिलाफ कोर्ट जा सकती है, जिससे चुनाव में देरी हो सकती है।
इन सड़कों का होना है निर्माण
नंगल करार खां रोड, मिट्ठापुर रोड से राम मंदिर-मिट्ठापुर स्कूल, गुरु अमरदास चौक से खालसा स्कूल टी प्वाइंट, भगवान परशुराम मार्ग, अर्बन एस्टेट फेज-2 ब्लाक ए, अर्बन एस्टेट फेज-2, अर्बन एस्टेट से वडाला चौक रोड, लद्देवाली-बसंत हिल, गुरु गोबिंद सिंह एवेन्यू रोड, सिविल लाइन एरिया, बड़िंग का रेवेन्यू रोड, चौगिट्ठी, गोपाल नगर, आदर्श नगर, अड्डा होशियारपुर चौक से रेलवे क्रासिंग, गुरु रविदास स्कूल से लम्मा पिंड चौक, भगत सिंह चौक से प्रताप बाग मेन गेट, सोढल फाटक से सेवा सदन रोड, नागरा, कबीर विहार, शहीद बाबू लाभ सिंह नगर, चूना भट्टी रोड, बबरीक चौक से बाबू जगजीवन राम चौक रोड, वरियाणा डंप साइट व विर्क एन्क्लेव।
आर्मी एन्क्लेव में अधूरे सड़क निर्माण को पूरा करने की मांग
कैंट विधानसभा क्षेत्र के तहत गांव धीना से सटी कालोनी आर्मी एन्क्लेव फेज-वन की वेलफेयर सोसायटी ने नगर निगम कमिश्नर के नाम ज्ञापन देकर कालोनी में सड़क निर्माण की मांग की है। नगर निगम आफिस पहुंचे प्रधान कुलदीप सिंह संधू, सचिव हरबंस सिंह, खजांची जरनैल सिंह सिद्धू, उप प्रधान सकतर सिंह, कुलविंदर सिंह लाडी व सुरजीत सिंह ने कहा कि आर्मी एन्क्लेव फेज एक की सड़कों पर पत्थर डाल दिया गया, लेकिन उसके बाद काम नहीं किया गया। बरसात से पहले सड़कों का निर्माण पूरा करवा दिया जाए। उन्होंने कहा कि बरसात के पानी की निकासी के लिए रोड गलियां बनाई जानी हैं।

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