जासं, श्री मुक्तसर साहिब। डीसी दफ्तर के सेवानिवृत्त सुपरिटेंडेंट और आम आदमी पार्टी के एससी विंग के ज्वाइंट सेक्रेटरी वरिंदर ढोसीवाल की शिकायत पर थाना सिटी पुलिस ने खेतीबाड़ी दफ्तर के निलंबित कृषि विकास अधिकारी संदीप बहल, बठिंडा के तहसीलदार लखविंदर सिंह गिल और गिद्दड़बाहा के एसडीएम दफ्तर के रीडर दलजीत सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

वरिंदर ढोसीवाल ने बीते दिनों थाना सिटी पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि कीटनाशक दवाओं की सैंपलिंग की मिसमैच के मामले में बीती 9 मई को निलंबित किए गए कृषि विकास अधिकारी संदीप बहल ने पिछले मार्च और अप्रैल के दौरान जज राजिंदर सिंह बनकर बात करता रहा है। वह अन्य सरकारी कर्मचारियों पर भी जज बनकर अपनी धौंस जमाता रहा है। इस गैरकानूनी तरीके के साथ उसने अनेक जगहों पर करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति बना ली है।

वरिंदर ढोसीवाल ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि बीती 18 मार्च को उसे बठिंडा के तहसीलदार लखविंदर सिंह गिल के मोबाइल नंबर 98147-50975 और इसके बाद ही गिद्दड़बाहा के एसडीएम के रीडर दलजीत सिंह के मोबाइल नंबर 98554-47034 से काल आई थीं, जिसमें उससे कहा कि गया था कि जज राजिंदर सिंह का फोन आएगा, बात कर लेना। इस उपरांत 93621-00003 नंबर से काल आई। जिसमें बोलने वाले ने कहा कि वह जज राजिंदर सिंह बोल रहा है। उसका भाई खेतीबाड़ी विभाग में एडीओ लगा हुआ है। किसी भी तरह के काम के लिए उससे बात की जा सकती है।

वरिंदर ढोसीवाल ने कहा कि उसे शक हुआ तो उसने पड़ताल शुरू की। पड़ताल दौरान पाया कि यह जज राजिंदर सिंह नहीं, बल्कि जिला खेतीबाड़ी दफ्तर में तैनात कृषि विकास अधिकारी संदीप बहल है। पड़ताल के उपरांत उसने ज्यूडिशियल अधिकारी राजिंदर सिंह से मुलाकात की और उन्हें पूरी बात बताई कि किस तरह से संदीप बहल उनके नाम का इस्तेमाल कर लोगों से नाजायज काम ले रहा है और लाखों रुपये वसूल कर रहा है।

जज राजिंदर सिंह ने उससे इस मामले में तुरंत कानूनी कार्रवाई करने को कहा। थाना सिटी के प्रभारी कर्मजीत सिंह ने वरिंदर ढोसीवाल की शिकायत पर कृषि विकास अधिकारी संदीप बहल, बठिंडा के तहसीलदार लखविंदर सिंह गिल और गिद्दड़बाहा के एसडीएम दफ्तर के रीडर दलजीत सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करके पड़ताल शुरू कर दी गई है।

Edited By: Pankaj Dwivedi