जागरण संवाददाता, गुरदासपुर। गांव डडवां व कल्याणपुर के पास हड्डारोड़ी के नाम पर चल रहे अवैध बूचड़खाने को चलाने वाले 11 आरोपितों ने पुलिस रिमांड में कई बड़े खुलासे किए हैं। आरोपितों के मुताबिक वे जानवरों की हड्डियां बर्तन बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुज्जफरनगर व हरियाणा के अंबाला में सप्लाई करते थे। 80 फीसद गो मांस लोकल स्तर पर ही बेचा जाता था। बाकी मांस उत्तर प्रदेश, जम्मू आदि राज्यों में भी भेजा जाता था।

सोमवार रात को गांव कल्याणपुर व डडवां के नजदीक स्थित अवैध बूचड़खाना चलाने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की थी। पुलिस ने संचालक गांव तरीजा नगर के अकाली दल के पूर्व सरपंच नियामत मसीह सहित 11 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें आठ स्थानीय व तीन उत्तर प्रदेश से संबंधित लोग थे। आरोपितों को गायों के सिर पर हथौड़ा मारते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया था। तीन गायों के शव, एक गाय को घायल व चार जिंदा गायें बरामद की गई थीं। इसके अलावा तेजधार हथियार व हरियाणा, लुधियाना व अमृतसर नंबर की तीन गाड़ियां भी बरामद की गईं। पुलिस ने आरोपितों का दो दिन का रिमांड लिया है। उनसे थाना धारीवाल में पूछताछ जारी है। शुक्रवार को एक बार फिर से आरोपितों को अदालत में पेश किया जाएगा।

पार्टी में अब सक्रिय नहीं मुख्य आरोपित

गायों की हत्या के मुख्य आरोपित नियामत मसीह अकाली दल का पूर्व सरपंच रह चुका है। इस समय उसकी पार्टी में कोई सरगर्मी नहीं है।

सिर पर हथौड़ा मारने से गायों की हो जाती है जल्दी मौत

गायों के सिर पर हथौड़ा मारकर मारने का तरीका काफी पुराना है। इससे पहले 2014 में एसएसपी वरिंदर कुमार के नेतृत्व में पुलिस पार्टी ने इसी तरह के एक गिरोह का पर्दाफाश किया गया था। वे ट्रक में 13 गायों व तीन बछड़ों को ले जा रहे थे। इन आरोपितों में भी पूछताछ के दौरान माना था कि गायों को सिर पर हथौड़ा मारकर मारते हैं। ऐसा करने से उनकी मौत काफी जल्दी हो जाती है। आरोपितों ने बताया था कि गाय को पहले कुछ दिन भूखा रखकर कमजोर कर लिया जाता है। उसके बाद आंखों पर पट्टी बांधकर सिर पर हथौड़ा मारकर उन्हें आसानी से मार दिया जाता था।

आरोपितों ने बताया कि पशुओं की हड्डियां जहां 25 रुपये किलो में बिकती है। वहीं हड्डियों को जलाकर उनसे बनाया गया पाउडर 100 रुपये किलो तक बिकता है। इस कारण उन्होंने उत्तर प्रदेश के रखे गए तीन कर्मचारियों को हड्डियों से पाउडर बनाने का काम दे रखा है ताकि उन्हें अधिक से अधिक मुनाफा हो सके।

आसपास के लोगों को मिली बड़ी राहत

बूचड़खाने के आसपास आधा दर्जन गांवों के लोगों को पुलिस की कार्रवाई के बाद बड़ी राहत मिली है। जब आरोपितों द्वारा हड्डियों से पाउडर बनाने के लिए उन्हें जलाया जाता था तो मांस के जलने से काफी गंदी बदबू उठती थी। इसने आसपास के लोगों का जीना मुहाल कर रखा था। इसी के चलते जैसे ही पुलिस ने उक्त लोगों पर सख्ती से हाथ डाला तो लोगों ने रातो रात बूचडख़ाने का नामो निशान तक मिटा दिया।

लालच में हो रहा मतांतरण

धर्म जागरण समनव्य के पदाधिकारियों ने बताया कि आजादी से पहले छुआछूत से आहत होकर लोगों ने मसीह धर्म में शामिल होना शुरू किया था। वह आज तक बंद नहीं हो पाया है। क्रिश्चियन समुदाय द्वारा चलाई जा रही संस्थाओं में लोगों को कई तरह की सुविधाएं मिलने के चलते लोग आज लालचवश भी मतांतरण कर रहे हैं।

धरती नाथ मंदिर गोशाला में रखी गई हैं गाय

पुलिस कार्रवाई के दौरान मिली घायल गाय की संभाल धरती नाथ मंदिर बटाला रोड पर गुरदासपुर में चल रही गोशाला के प्रबंधक कर रहे हैं। उस गाय की आगे की टांग टूटी हुई है। उसे पशुपालन विभाग के चिकित्सों से प्लास्टर लगवाया गया है।

Edited By: Pankaj Dwivedi