जेएनएन, जालंधर। श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर सुल्तानपुर लोधी (कपूरथला) से लेकर डेरा बाबा नानक (गुरदासपुर) तक आयोजित कार्यक्रमों में गुरु जी के भाईचारेे के संदेश पर राजनेता अमल करते नजर आए। सियासत की बर्फ पिखलती दिखी। सुल्तानपुर लोधी में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जब पीछे चल रहे थे तो केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल कैप्टन को आगे लेकर गईं।

इसी तरह डेरा बाबा नानक में जब प्रधानमंत्री को सम्मानित किया जा रहा था तो कैप्टन अमरिंदर सिंह कुछ दूर थे। अकाली दल के अध्यक्ष व सांसद सुखबीर सिंह बादल कैप्टन को आगे लेकर आए और उनके हाथ से प्रधानमंत्री को स्मृति चिह्न भेंट करवाया।

आज कैप्टन ने भी अपने संबोधन में बादल साहब कहकर संबोधित किया, जबकि छह नवंबर को पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में कैप्टन ने सदन में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम तो लिया था लेकिन सबसे बुजुर्ग नेता और पांच बार मुख्यमंत्री रहे बादल का नाम नहीं लिया था। बादल सदन में मौजूद थे, जबकि हुड्डा उस समय सदन में नहीं थे। आज बादल ने भी बार-बार कैप्टन को मुख्यमंत्री साहब कहकर संबोधित किया।

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