जागरण संवाददाता, जालंधर : ह्यूमन राइट्स फ्रंट के राष्ट्रीय प्रधान और ट्रांसपोर्टर शशि शर्मा पर हुए जानलेवा हमले के पांच दिन बाद भी पुलिस के हाथ अभी तक केवल दो ही हमलावर लगे हैं। शनिवार को पुलिस ने हमले के मुख्य आरोपित दलबीरा की तलाश में 13 स्थानों पर छापेमारी की, लेकिन दलबीरा पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। दलबीरा के फोन की आखिरी लोकेशन पुलिस को कपूरथला की मिली है। शशि पर इसी सप्ताह बस स्टैंड के पास स्थित मार्केट में उनके दफ्तर में घुस कर 12 दर्जन से ज्यादा हमलावरों ने जानलेवा हमला किया था।

शुक्रवार को लोकेशन ट्रेस करने के बाद पुलिस ने देर रात व शनिवार को तड़के कपूरथला में भी दो स्थानों पर छापेमारी की, लेकिन वहां भी दलबीरा नहीं मिला। पुलिस की सारी कार्रवाई की जानकारी आरोपितों को लगातार अपडेट की जा रही है। इस मामले को लेकर शनिवार को पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर की हिदायतों के बाद पुलिस ने अब इस बाबत सारी जानकारियों को सांझा करना बंद कर  दिया है।

शनिवार को शशि के समर्थन में उनकी मार्केट के व्यापारियों ने मोता सिंह नगर वेलफेयर एसोसिएशन जालंधर के बैनर तले विपिन कुमार के नेतृत्व में प्रेस वार्ता की। इसमें वह शख्स भी शामिल रहा, जिसके इशारे पर बस अड्डा पर स्थित चार करोड़ के मामले में डॉक्टर बलविंदर वालिया से झगड़ा हुआ था। डॉक्टर ने बंधक बना कर जलील तक करने के आरोप लगाए थे और बस अड्डा चौकी में शिकायत दी थी।

शशि समर्थकों ने मांग की है कि शशि पर हमला करने वाले सभी आरोपितों की पुलिस जल्द से जल्द गिरफ्तारी करे। शशि की जान को खतरा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मार्केट में शशि शर्मा कैसा बंदा है वो जानते हैं लेकिन बाहर वो क्या करता है इसकी वो या मार्केट वाला कोई गारंटी नहीं ले सकता। गिरफ्तार युवक शशि का नाम किक्रेट सट्टेबाजी से जोड़ कर उन्हें बदनाम कर रहे हैं। शशि पर व उसके साथियों पर भर भी डॉक्टर को बंधक बना कर जलील करने के डॉक्टर बलविंदर वालिया के आरोपों को लेकर कहा कि डाक्टर ने खुद समझौता किया है। उस समझौते वो शामिल थे। डाक्टर को बंधक नहीं बनाया गया था।

डॉक्टर की शिकायत पर भी पुलिस ने की कार्रवाई शुरू

एडीसीपी टू सुडरविली ने कहा कि पुलिस की ओर से मौका ए वारदात से सीसीटीवी की डीवीआर कब्जे में ली गई है। इसको वेरिफाई कर रहे हैं। अगर शशि शर्मा पर हमले से पहले डॉक्टर को बंधक बनाने जैसी या अभद्रता करने जैसी कोई बात सामने आती है तो उस हिसाब से भी कार्रवाई की जाएगी। सुडरविली ने कहा कि शशि शर्मा पर हुए हमले के आरोप में गिरफ्तार किए गए दोनों युवकों से हुई पूछताछ में दोनों ने डॉक्टर बलविंदर सिंह वालिया के साथ किसी तरह का संबंध नहीं कबूला है। वहीं थाना नंबर पांच के एसएचओ ओंकार सिंह बराड़ ने कहा कि आरोपित दलबीरा के पकड़े जाने के बाद सारी गुत्थी सुलझ जाएगी।

हमले से पहले किसके बुलाने पर गई थी पुलिस राज गहराया

शशि शर्मा पर हमले से पहले उनकी मार्केट में विवादित प्रार्पटी की तस्वीर खिंचवा रहे डाक्टर बलविंदर सिह वालिया ने आरोप लगाए थे कि पुलिस बुलाकर उन्हें पुलिस वालों के सामने जलील किया गया, बंधक बनाए रखा गया। इस पर पुलिस उच्च अधिकारियों का कहना था कि पुलिस वाले शशि के बुलाने पर नहीं गए थे। वहीं शशि शर्मा के हक में प्रेस वार्ता करने वाले अमित व उनके साथियों ने इसके उलट खुलासा करते कहा कि डॉक्टर वालिया बदमाशी कर रहे थे, इसलिए उन्होंने ही पुलिस को बुलाया था। चर्चा इस बात की भी है कि पुलिस वालों के सामने हो रही डॉक्टर के ड्राइवर की की पिटाई की सीसीटीवी फुटेज पुलिस इस लिए जारी नहीं कर रही क्योंकि इससे महकमे की बदनामी होगी।

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Posted By: Pankaj Dwivedi

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