जालंधर, जेएनएन।  हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ घिनौने कृत्य के बाद देशभर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में शक्ति एप मुसीबत में फंसी महिलाओं के लिए बेहद मददगार साबित होगी। एक बटन दबाने से ही पुलिस मदद के लिए पहुंच जाएगी। यह बात पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने स्कूल-कॉलेज के प्रबंधकों को शक्ति एप की जानकारी देने के लिए लगाए सेमिनार में कही।

उन्होंने बताया कि यह एप एंड्रायड मोबाइल पर प्ले स्टोर से डाउनलोड की जा सकती है। इसमें एक क्लिक से ही पुलिस की मदद ली जा सकती है और साथ ही फोटो खींचकर या मैसेज के जरिये अपनी परेशानी बताई जा सकती है। इससे महिलाओं की परेशानी एक ही समय में संबंधित थाने, एसीपी और एडीसीपी के पास पहुंच सकती है। इसके अलावा इस एप में दस नंबर और सुरक्षित किए जा सकते हैं, जिन पर एक ही समय में मैसेज भेजा सकता है, ताकि कोई भी जल्द मौके पर पहुंचकर मदद कर सके। यह दस नंबर महिलाएं अपने उन जानकारों के रख सकती हैं, जो उनके काफी नजदीकी हों।

भुल्लर ने बताया कि इस एप से शिकायत मिलने पर महिला की लोकेशन पुलिस के पास पहुंच जाएगी और पुलिस कुछ ही पलों में वहां पहुंच जाएगी। यह ऐप अंग्रेजी और पंजाबी भाषा में है। उन्होंने बताया कि यह एप महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के साथ साथ छेड़छाड़ करने वालों, झपटमारों सहित अन्य अपराध को रोकने में मददगार साबित होगी। जल्द ही शहर के सभी स्कूल-कॉलेजों में सेमिनार लगाकर इस संबंधी जानकारी दी जाएगी। इस मौके पर डीसीपी गुरमीत सिंह, अरुण सैनी, एडीसीपी अश्विनी कुमार सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के पदाधिकारी, टैक्सी व आटो रिक्शा यूनियन के सदस्य उपस्थित रहे।

ऐसे लें एप की मदद

  • सबसे पहले अपने एंड्रॉयड मोबाइल के प्ले स्टोर में जाएं।
  • वहां पर शक्ति ऐप सर्च करें और डाउनलोड करें।
  • डाउनलोड करने के बाद उस पर आए निर्देशों के मुताबिक अपना नाम, मोबाइल नंबर और घर का पता लिखें।
  • इसके बाद एप में अपने दस जानकारों के नाम और मोबाइल नंबर लिखें।
  • एप में सबसे ऊपर हेल्प लिखा होगा, जिसे मुसीबत के समय इस्तेमाल किया जा सकेगा।
  • इसके अलावा रिपोर्ट अनसेफ, फॉलो मी, क्लिक एंड मेल, रिकार्ड एंड मेल के ऑप्शन के साथ-साथ संबंधित थाने के बारे में भी जानकारी उलपब्ध होगी।

पांच साल पहले लांच हो चुकी है पुलिस सांझ एप, नया नाम शक्ति एप

अब इसे लापरवाही कहें या कुछ और, पांच साल पहले लांच हुई पुलिस सांझ एप में भी लगभग यही सब था जो अब लांच हुए शक्ति एप में। यह भी कह सकते हैं कि पुलिस सांझ एप को थोड़ा संशोधित कर नया नाम दे दिया गया है। पांच साल पहले इस ऐप का सही ढंग से प्रचार न हो पाने से किसी को इसकी जानकारी नहीं थी। न तो महिलाओं ने इसे डाउनलोड किया और न ही पुलिस ने इसे लोगों तक पहुंचाने के लिए कोई खास काम किया। इसी कारण यह एप गुम सी हो गई थी।

 

Posted By: Sat Paul

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