मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

जालंधर, जेएनएन। देहात पुलिस द्वारा दो दिन पहले फिल्लौर से गिरफ्तार किए गए लुटेरों ने ही एक माह पहले लोहियां में गन प्वाइंट पर आइ-20 कार लूटी थी। यह लुटेरा गिरोह पिछले तीन माह में पांच ट्रालों और छह कारों को लूट चुका है। सीआइए स्टाफ द्वारा बुधवार रात को फिल्लौर से काबू किए लुटेरों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह पंजाब और राजस्थान में कई दर्जन लूट की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। गिरोह में कुल सात सदस्य हैं, जिन में से एक फिलहाल जेल में बंद है।

गौरतलब है कि दैनिक जागरण उक्त लुटेरों के पकड़े जाने का खुलासा अपने वीरवार के अंक में कर चुका था, जिसके बाद शुक्रवार दोपहर को देहात पुलिस ने अधिकारिक तौर पर इसकी जानकारी दी। प्रेस कांफ्रेंस में एसएसपी नवजोत सिंह माहल ने बताया कि बुधवार रात आठ बजे के करीब सीआइए स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर शिव कुमार और एसआइ निर्मल सिंह पुलिस पार्टी के साथ फिल्लौर सतलुज दरिया पुल पर लगे हाइटेक नाके पर मौजूद थे। इस दौरान गोराया की ओर से आ रहे दो ट्रालों और उसके पीछे आ रही तीन कारों को रोका गया था। ट्रक और कारों की तलाशी लेने पर पुलिस को 32 बोर के दो देसी पिस्टल, चार मैगजीन सहित 50 कारतूस बरामद हुए थे।

इस पर थाना फिल्लौर में ट्रक व कार सवार जिला तरनतारन के हरीके क्षेत्र के गांव जिंदावाला निवासी हरप्रीत सिंह हैप्पी (38), बस्ती प्लाट हरीके निवासी गुरप्रीत सिंह गोपी (30), भिखीविंड के क्षेत्र पत्ती माणा की सुरसिंह निवासी विकरमजीत सिंह उर्फ विक्की (22), जिला अमृतसर के सुलतानविंड क्षेत्र के पत्ती मलको की सुलतानविंड निवासी जगप्रीत सिंह उर्फ लल्ला (25), मजीठिया निवासी अवकाश सिंह उर्फ लड्डू (44), सुलतानविंड के क्षेत्र पत्ती सुलतान निवासी साजनप्रीत सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। वीरवार को इन्हें कोर्ट में पेश कर चार दिन का पुलिस रिमांड लिया गया था।

जांच में सामने आया कि उक्त आरोपितों ने क्रेटा गाड़ी में लोहियां में रेलवे स्टेशन के पास स्थित प्रकाश ढाबा के सामने से गन प्वाइंट पर सुल्तानपुर लोधी निवासी दो लोगों से उनकी आइ-20 कार लूटी थी। जबकि एक कार को हरियाणा के जींद और एक कार को राजस्थान के गंगानगर से लूटा था।

जून में पेशी के दौरान तीन लुटेरे पुलिस को चकमा देकर भाग चुके

एसएसपी ने बताया कि आरोपित हरप्रीत सिंह, आरोपित विक्रमजीत सिंह और गुरप्रीत सिंह को 12 जून 2019 को तरनतारन कोर्ट में पेशी पर लाया जा रहा था कि इस दौरान वह पुलिस को चकमा देकर भाग निकले। इसके बाद उक्त तीनों ने अपने अन्य चार दोस्तों के साथ मिलकर अपने गिरोह को जिंदा किया और फिर से लूट की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया। इनका गिरोह हाईवे में वाहनों को लूटने में इतना एक्टिव था कि महज तीन माह के भीतर इन्होंने पांच ट्रालों और 6 कारों को गन प्वाइंट पर लूट लिया।

लूट, मारपीट व आ‌र्म्स एक्ट के 66 मामलों में नामजद हो चुके हैं लुटेरे

आरोपित हरप्रीत सिंह और गुरप्रीत सिंह के खिलाफ पंजाब और राजस्थान में लूट, मारपीट और आ‌र्म्स एक्ट के 23-23 केस दर्ज हैं। जबकि आरोपित विक्रमजीत सिंह के खिलाफ 11, आरोपित जगप्रीत सिंह के खिलाफ आठ और आरोपित अवकाश के खिलाफ एक केस दर्ज हो चुका है। 2014 में आरोपित जगप्रीत सिंह हत्या का मामले में गिरफ्तार हुआ था, जो कुछ साल जेल में रहने के बाद केस जीतने पर जेल से रिहा हुआ था।

एक ट्रक को आरोपितों ने बेच दिया, दूसरे को बेचने की तैयारी

सीआइए स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर शिव कुमार ने बताया कि आरोपितों ने कुछ समय पहले ही लूट के एक ट्रक को अवैध रूप से किसी को बेचा था। जबकि दूसरे ट्रक को जो पुलिस ने उनके पास से बरामद किया है, उसे बेचने की तैयारी थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपितों नई दिल्ली में लूट के ट्रालों व ट्रक ले जाते थे, जहां महज एक दिन के भीतर लूट के वाहन को बदल कर दे दिया जाता था।

हरियाणा की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पंजाब की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!