जालंधर [मनीष शर्मा]। कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने को लोग घरों में रहने को मजबूर हैं तो मैदान में जंग लड़ रहे कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों की मुश्किलें भी कम नहीं हैं। बात चाहे नाकाबंदी पर तैनात सामान्य पुलिस कर्मी की हो या फिर इसकी अगुवाई कर रहे बड़े अधिकारियों की। इस जंग में संक्रमण का खतरा उन्हें सबसे ज्यादा है।

यह अधिकारी और कर्मचारी एक हफ्ते से अधिक समय से इस जंग में डटे हुए हैं। अधिकारियों से लेकर मुलाजिमों की दिनचर्या ही बदल चुकी है। बात चाहे डिप्टी कमिश्नर वरिंदर शर्मा की हो, पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत भुल्लर की, एसएसपी नवजोत माहल की या फिर दूसरे कर्मचारियों व अधिकारियों की। कोरोना वायरस को रोकने के लिए बाहर रहने की वजह से सबसे ज्यादा संक्रमण का खतरा इन्हीं को है। यही वजह है कि उन्हें घर आते समय भी बहुत सावधानी बरतनी पड़ रही है। यह उनके लिए आसान नहीं रह गया है कि ड्यूटी से लौटने के बाद वे सीधे अपने परिवार से मिले। उससे पहले उन्हें नहाने से लेकर खुद को सैनिटाइज करने के कई तरह के उपाय करने पड़ रहे हैं ताकि कोरोना वायरस का खतरा उनके घर तक ना पहुंचे।

यह अधिकारी घर बैठ नहीं सकते क्योंकि जो लाखों लोग घरों में बैठे हैं, कोरोना वायरस से उनकी जान की रक्षा भी इन्हें ही करनी है। इसलिए हर रोज वो खतरे को सिर पर लेकर सुबह ड्यूटी के लिए निकलते हैं और देर रात तक हालात पर नजर रखे रहते हैं।

कर्फ्यू के दौरान बतौर जिला मजिस्ट्रेट वरिंदर शर्मा के कंधों पर सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। दिन भर बैठकों में वह कई अफसरों को मिलते हैं। यह वो अफसर हैं जो फील्ड में भी कई जगहों पर जाते हैं। ऐसे में मास्क, सैनिटाइजर व दूरी बनाकर रखने की सावधानी के बावजूद संक्रमण का खतरा बना रहता है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत भुल्लर भी शहर में कर्फ्यू को सही ढंग से लागू कराने के लिए अपने अधीनस्थ अफसरों से बैठक करते हैं, जो फील्ड का जायजा लेकर उन्हें रिपोर्ट देते हैं। देहात पुलिस के एसएसपी नवजोत माहल तो खुद ही फील्ड में उतरे हुए हैं। वो लगातार देहात का दौरा कर रहे हैं और खुद लोगों को राशन व अन्य सामान भी बांट रहे हैं।

...ताकि पुलिस कर्मियों का हौसला बना रहे

पुलिस के लिए इस वक्त बड़ी चुनौती फील्ड यानि नाकों पर तैनात कर्मचारियों का हौसला बनाए रखना है। जो घंटों ड्यूटी कर रहे हैं और अब उन्हें संयम भी बरतने को कहा गया है। यही वजह है कि एसएसपी माहल हर वक्त कर्मचारियों को प्रेरित करते हैं कि जिस पंजाब पुलिस ने आतंकवाद को खत्म कर दिया, वो अगर इसी तरह जज्बे से ड्यूटी निभाती रही तो कोरोना वायरस को भी हरा कर ही रहेंगे।

ड्य़ूटी के साथ-साथ खुद को संक्रमण से बचाना बड़ी चुनौती

कोरोना वायरस की इस जंग में अधिकारियों की कोशिश को कामयाब करने में बड़ी जिम्मेदारी कर्फ्यू लागू करने में जुटे पुलिस कर्मियों के सिर पर है। हालांकि उनके आगे भी कई चुनौतियां हैं। उन्हें नाके पर रहकर वहां से गुजरने वाले लोगों से पूछताछ करते हुए खुद को संक्रमण से बचाना है। सभी कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद हो चुकी हैं, ऐसे में सभी को इस आपात स्थिति में सहयोग देना लाजिमी है। उनके लिए मास्क व सैनिटाइजर के साथ खाने-पीने का इंतजाम भी आसान नहीं है। खासकर अब उन्हें डंडा फटकारने के बजाय लोगों को समझाना है तो ऐसे में यह अलग तरीके की ड्यूटी निभाना व अपनी सेहत को सही रखना किसी चुनौती से कम नहीं है।

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Posted By: Pankaj Dwivedi

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