जालंधर, [अंकित शर्मा]। सिटी रेलवे स्टेशन पर वैसे तो मुख्य गेट दो ही हैं। एक रिजर्वेशन टिकट काउंटर के पास और दूसरा वीआइपी एंट्री गेट। इसके बावजूद स्टेशन पर करीब नौ से दस ऐसे अवैध गेट भी हैं जो स्टेशन की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहे हैं। इन गेटों से अवैध एंट्री रोकने के लिए कई तरह के जुगाड़ अपनाए जाते हैं परंतु सफलता फिर भी नहीं मिलती। ऐसा ही एक जुगाड़ रेलवे के कर्मचारियों ने प्लेटफार्म नंबर एक-ए पर किया। यहां से यात्री फिरोजपुर जाने के लिए ट्रेन पकड़ते हैं। इस प्लेटफार्म के पीछे की दीवार गिर चुकी है। इसके ठीक पीछे ओल्ड रेलवे रोड है। लोगों ने टूटी दीवार से ही रास्ता बना लिया। रेलवे ने भी दीवार बनवाने की बजाय लोहे के गार्डर लगाकर कंटीली तार बांध रास्ता रोक दिया। लेकिन अवैध एंट्री मारने वालों ने इसमें से भी रास्ता निकाल लिया। अब रेलवे करे को क्या करे।

रेलवे कर्मचारी करने लगे नमस्ते

कोरोना वायरस का संक्रमण भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में फैलने का ज्यादा खतरा है। जालंधर रेलवे स्टेशन जहां हर रोज हजारों यात्री आते-जाते हैं में भी इस वायरस के फैलने का भय बना हुआ है। वायरस से बचने के लिए स्टेशन पर तैनात कर्मचारियों ने अपना बचाव करना शुरू कर दिया है। दिनभर मास्क पहन कर ही काम निपटाए जा रहे हैं। फिर चाहे वे सफाई कर्मचारी हों या फिर अन्य किसी विभाग का स्टाफ। यही नहीं मुलाजिम वायरस ना फैले इसके लिए हाथ मिलाने से भी परहेज कर रहे हैं। एक दूसरे को नमस्ते कहने को तरजीह दे रहे हैं। रेलवे कर्मचारियों को मास्क पहने देख कर अब वेंडरों ने भी मास्क पहनने शुरू कर दिए हैं। यही नहीं ट्रेनों में सफर करने वाले अधिकतर यात्री भी मास्क पहनने को तरजीह दे रहे हैं। हालांकि ट्रेनों में यात्रा करने से भी लोग परहेज करने लगे हैं।

लोग लाइन में लगने से भी बच रहे

कोरोना वायरस के प्रति यात्रियों को निरंतर जागरूक करने के लिए आडियो संदेश दिन भर चलता है। ऐसे में यात्रियों को निरंतर बताया जा रहा है कि वे भीड़भाड़ वाले एरिया में ना जाएं। किसी गंदी जगह को न छुएं और संक्रमित व्यक्ति से एक मीटर तक की दूरी बनाए रखें। हाथों को सैनिटाइजर या फिर साबुन से बार-बार धोकर साफ रखें। इस संदेश से यात्रियों में जागरूकता तो बढ़ी है साथ ही वे अब डरने भी लगे हैं। यात्रियों में भय  इस कद्र बढ़ गया है कि वे टिकट काउंटर पर लगने वाली पंक्ति में खड़े होने से भी डरने लगे हैं। अधिकतर यात्री तो ऑनलाइन बुकिंग ही करवा रहे हैं। जो रह जाते हैं वह काउंटर पर खड़े होने की बजाए स्टेशन पर ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन के जरिए टिकट लेने को ज्यादा सुखद मान रहे हैं। हालांकि ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन पर भीड़ जमा होने से परेशानी पहले की तरह बनी हुई है।

चुनाव को लेकर बढ़ी सरगर्मी

रेलवे यूनियन चुनाव की जल्द ही घोषणा होने वाली है। ऐसे में नार्दर्न रेलवे मेन्स यूनियन और यूआरएमयू सहित तमाम यूनियनों ने अपने-अपने स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है। यूनियनों की तरफ से रेलवे के विभिन्न दफ्तरों में गेट मीटिंगों के जरिए चुनाव को लेकर मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। हालांकि चुनाव पर कोरोना वायरस का साया भी पडऩे लगा है। लेकिन इसके बावजूद यूनियन नेता अपने-अपने स्तर पर प्लानिंग बनाने में जुट गए हैं। मुलाजिमों को ज्यादा से ज्यादा अपने साथ जोडऩे के लिए मुहिम भी शुरू कर दी है। मंडल के वरिष्ठ नेता तक अब गेट मीटिंगों में पहुंचने शुरू हो गए हैं। वे मुलाजिमों के साथ कई तरह के वादे तो कर ही रहे हैं साथ ही यह भी अपील कर रहे हैं कि वे चुनाव में बढ़चढ़ कर हिस्सा लें ताकि दूसरी यूनियन को जीतने का मौका न मिले।

Posted By: Vikas_Kumar

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