जालंधर, जेएनएन। मशहूर म्यूजिक कंपनी स्पीड रिकॉर्ड की एलबम में मेकअप आर्टिस्ट व मॉडलिंग का काम देने के बहाने वाट्सएप के जरिये ठगी का खेल फिर शुरू हो गया है। पहले ठगों ने स्पीड रिकॉर्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर दिनेश औलख के नाम पर मैसेज कर ठगी की। इसके खिलाफ उन्होंने पुलिस को शिकायत भी दी। इसकी जांच में पुलिस के हाथ खाली होने का फायदा उठाते हुए ठगों ने अब दोबारा से यह ठगी शुरू कर दी है। 

इस बार ठगों ने स्पीड रिकॉर्ड के दूसरे पार्टनर व एमडी सतविंदर सिंह के नाम का सहारा लिया है। दूसरे शहरों के साथ जालंधर में भी शिवाली सहदेव ने फेसबुक के जरिए इसके बारे में जानकारी दी। वहीं, खुद एमडी सतविंदर सिंह ने भी इसे ठगी करार देते हुए कहा कि उनकी कंपनी से ऐसे किसी को मैसेज नहीं किए गए। इस बारे में वो डीजीपी को शिकायत दे चुके हैं और उसकी जांच जालंधर पुलिस को सौंपी गई है। वो फिर मोहाली साइबर क्राइम सैल व जालंधर पुलिस से मिलेंगे ताकि इन ठगों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।

शिवाली सहदेव की फेसबुक पर ठग से बातचीत, जिसमें वो स्पीड रिकॉर्ड का एमडी सतविंदर सिंह बनकर बात कर रहा था। 

गायक गुरु रंधावा व नेहा कक्कड़ के गीत में मॉडलिंग का दे रहे झांसा 

यह ठग मेकअप आर्टिस्ट का काम करने वाली महिलाओं को सोशल मीडिया या ऑनलाइन विज्ञापन में ढूंढते हैं और फिर एलबम के गाने की शूटिंग का ऑफर देते हैं और प्रतिदिन 80 हजार रुपये देने का भरोसा दिया जाता है। शूटिंग मशहूर गायक गुरु रंधावा व नेहा कक्कड़ की बताई जाती है। इसके बाद इन दोनों की फोटो लगी गोवा की टिकट भेजी जाती है। इसमें उन्हें टिकट के 25 से 50 हजार तक रुपये एडवांस में पेटीएम के जरिए देने को कहा जाता है और भरोसा दिया जाता है कि गोवा पहुंचते ही यह पैसे वापस कर दिए जाएंगे। जब लोग यह पैसे जमा करा देते हैं तो उन्हें फिर ब्लॉक कर दिया जाता है।

फेसबुक पर मामला बताने वाली शिवाली ने कहा कि ठगी का अहसास होते ही उन्होंने इस ऑफर में किसी तरह की दिलचस्पी से इनकार कर दिया। इसी तरह गाने में मॉडलिंग के लिए बुलाने पर भी वाट्सएप पर टिकट भेजकर पेटीएम से पैसे मंगवाकर ठगी की जा रही है। ठगी का शिकार होने के बाद जिन युवतियों या मेकअप आर्टिस्टों ने कंपनी से संपर्क किया है, वो सिर्फ पंजाब के जालंधर, अमृतसर, लुधियाना से ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश, दिल्ली के शहरों से भी हैं। 

फेसबुक-यूट्यूब प्रोफाइल देख जुटाते हैं नंबर 

स्पीड रिकॉर्ड के एमडी दिनेश औलख की पहले दी शिकायत की जब पुलिस की क्राइम टीम ने जांच शुरू की और पुराने मामलों को देखा तो पता चला कि यह ठग पहले ऐसी युवतियों या महिलाओं की फेसबुक, यूट्यूब व अन्य सोशल मीडिया माध्यमों पर प्रोफाइल ढूंढते हैं जिन्हें मॉडलिंग का शौक हो। वहां देखते हैं कि कौन सी युवती मॉडल बनना चाहती है या कौन मेकअप आर्टिस्ट है, यानि उनकी दिलचस्पी देख लेते हैं। कई बार सोशल मीडिया माध्यमों में लोगों के नंबर में प्राइवेसी नहीं लगी होती, इसलिए वहां से उन्हें नंबर मिल जाता है। इसके अलावा कई वेबसाइट भी होती हैं, जहां लोग खुद अपना नंबर रजिस्टर्ड करा देते हैं। वहीं कई बार लोग खुद किसी वाटसएप ग्रुप में अनजान लोगों के बीच जुड़ जाते हैं या फिर फेसबुक या वाट्सप आदि पर किसी कमेंट के नीचे अपना नंबर शेयर कर देते हैं। जिसके जरिए भी ठग नंबर ले लेते हैं।  

यूएसए बैठे भाई के नाम पर भी भेजे मैसेज 

स्पीड रिकॉर्ड कंपनी के एमडी सतविंदर सिंह ने कहा कि उनके भाई बलविंदर सिंह यूएसए में रहते हैं। इसके बावजूद ठगों ने उनके नाम से भी मैसेज भेजने शुरू किए। स्पीड रिकॉर्ड की वेबसाइट में बलविंदर सिंह कोहली प्रेजिडेंट के तौर पर दिखाए गए हैं। यही वजह है कि ठग वेबसाइट पर देख एक-एक कर कंपनी के अधिकारियों का नाम इस्तेमाल कर रहे हैं।  

फर्जी नंबरों से हो रही धोखाधड़ी

पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि जिन दस्तावेजों पर यह नंबर वाले सिम लिए गए हैं, वो फर्जी हैं। दो या अधिक लोगों के दस्तावेज जोड़कर इन्हें तैयार कर नंबर लिया गया है। वहीं, कुछ नंबर ऐसे हैं जो पंजाब नहीं बल्कि बिहार व झारखंड के लोगों के पते पर चल रहे हैं। यही वजह है कि तीन महीने बाद भी पुलिस की जांच में कुछ हाथ नहीं लगा। एडीसीपी इन्वेस्टिगेशन गुरमीत सिंह किंगरा ने कहा कि यह लोग कहीं बाहर बैठकर इस ठगी को अंजाम दे रहे हैं। अन्य राज्यों में रहने वाले जिन लोगों के नाम पर यह नंबर चल रहे हैं, उनके बारे में भी पुलिस छानबीन कर रही है।

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Posted By: Satpaul

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