जालंधर [जगदीश कुमार]। विदेशी तर्ज पर जंक फूड का जाल देश के सभी शहरों और गांवों तक फैल चुका है। यहां तक कि शादी विवाह व अन्य पार्टियों में भी जंक फूड ने अपनी एक खास पहचान बना ली है। सेहत के लिए जंक फूड हानिकारक होने की बात सुनने के बावजूद इसका प्रचलन कम नही हो पा रहा है।

पास्ता देखते ही ज्यादातर लोगों के मुंह में पानी भर आता है। हालांकि मैदे से बना पास्ता सेहत के लिए हानिकारक साबित होता है। एलपीयू मेंं इंडियन साइंस कांग्रेस में भाग लेने आए सेंट्रल इंस्टीट्यूट अॉफ पोस्ट हार्वेस्ट इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की डॉ. रेणु ने बताया कि लंबी खोज के बाद काले चावलों के छिलके से पास्ता तैयार किया गया है।

काले चावलों के छिलके का पाउडर तैयार कर उसे हाईटैक तकनीक से पास्ते का रूप दिया गया है। काले चावल ज्यादातर देश के पूर्वी राज्यों व चीन में ज्यादा इस्तेमाल होते हैं। हालांकि इसका रंग काला होने की वजह से लोग इससे नफरत करते है परंतु यह सेहत के लिए फायदेमंद हैं।

हर गांव व शहर में शादी विवाह में अक्सर सफेद पास्ता तैयार मिलता है। यह पेट, शुगर और दिल की बीमारियों का एक कारण है। इससे भूख भी कम हो जाती है। संस्थान की ओर से तैयार किया गया काले चावल के छिलके का पास्ता कंपनियों को सौंपा गया है। फिलहाल इसकी कीमत कुछ ज्यादा है इसे कम करने के लिए काम चल रहा है।

ये हैैं फायदे

  • मोटापा कम करने के लिए लोग चावल खाना छोड़ देते हैं। काले चावल मोटापा कम करने के लिए फायदेमंद है।
  • इसमें मौजूद फायटोकेमिकल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करते हैं और बुरे कोलेस्ट्रॉल को घटाते हैं। दिल की नाड़ियों में अथ्रोस्क्लेरोसिस प्लेक फॉर्मेशन की संभावना कम करता है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक की संभावना भी कम होती है। 
  • इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर मौजूद होता है जो कब्जियत को खत्म करने के अलावा पेट फूलना या पाचन से जुड़ी अन्य समस्याओं से भी निजात दिलाता है।
  • इसमें एंथोसायनिन नामक एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होता है। जो कार्डियोवेस्कुलर और कैंसर जैसी बीमारियों से बचाने में सहायक है और प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है।
  • इनमें मौजूद विशेष एंटीऑक्सीडेंट तत्व त्वचा, आंखों तथा दिमाग सहति लीवर के लिए फायदेमंद होते है।

कड़ी पत्ता नहीं निकलेगा थाली से बाहर, पाउडर हुआ तैयार

ज्यादातर घरों में दाल सब्जी में कड़ी पत्ता का इस्तेमाल किया जाता है। इसे सेहत और स्वाद के अच्छा माना गया है। खाना खाते समय हमेशा सब्जी से कड़ी पत्ता निकाल कर साइड पर रख दिया जाता है। अब कड़ी पत्ते का पूरा असर सब्जी में रहेगा और इसे बाहर भी निकालना पड़ेगा।

सेंट्रल इंस्टीट्यूट अॉफ पोस्ट हार्वेस्ट इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की डॉ. रेणु ने बताया कि कड़ी पत्ता का पाउडर तैयार किया गया है। मिक्सर में इसकी पिसाई करने से इसके तत्व तत्व नष्ट हो जाते हैं और पूरी तरह बारीक नहीं हो पाता। संस्थान ने माइनस 14 डिग्री सेल्सियस तापमान पर तरल नाइट्रोजन गैस के साथ इसका पाउडर तैयार किया है। इसे प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने के लिए फायदेमंद माना गया है।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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