जागरण संवाददाता, जालंधर

दिलकुशा मार्केट में होलसेल केमिस्ट आर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूसीओ) का चुनावी माहौल तेजी से गर्माने लगा है। चुनाव को लेकर चोपड़ा और मंगली ग्रुप आमने-सामने है। पिछले करीब एक दशक से मार्केट में पार्किंग की समस्या का मुद्दा उठा परंतु दब कर रह गया। पिछले चुनावों में घोषणा पत्र में आने के बाद भी समस्या हल नहीं हो पाई। इस बार चुनाव में फिर यह मुद्दा उठा, जिसके बाद उम्मीदवारों ने समस्या के समाधान के आश्वासन दिए हैं। इस दौरान उम्मीदवारों ने दुकानों पर जाकर वोट मांगे।

दिलकुशा मार्केट में रोजाना एक हजार के करीब लोग खरीददारी करने के लिए आते हैं। उन्हें अपने वाहन खड़े करने के लिए खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों को मार्केट से काफी दूर कार खड़ी करनी पड़ती है। कई बार मार्केट के बाहर खड़ी गाड़ियों के ट्रैफिक पुलिस ने चालान भी काटे। मार्केट में दवा खरीदने के लिए आए रमेश चंद्र का कहना है कि वह कपूरथला जिले से सप्ताह में दो-तीन बार दवा खरीदने के लिए आते है। उन्हें कार मार्केट से दूर खड़ी करनी पड़ती है और दवाइयां ले जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पार्किंग की समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए।

चोपड़ा ग्रुप के प्रधान पद के उम्मीदवार निशांत चोपड़ा ने ट्रैफिक समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि मार्केट के दुकानदारों की गाड़ियों की पार्किंग के लिए निकटवर्ती निजी पार्किग वाले ठेकेदार से बातचीत कर सभी गाड़ियां वहां खड़ी करवाने की कवायद की जाएगी। इसके अलावा दोपहर को 12 से शाम पांच बजे तक मार्केट में केवल दोपहिया वाहन ही प्रवेश किए जा सकेंगे।

उधर, मंगली ग्रुप के प्रधान पद के उम्मीदवार गोपाल कृष्ण चुघ ने इस समस्या को चुनावी मुद्दे के रूप में रखा है। उन्होंने कहा कि मार्केट के अंदर ग्राहकों के वाहनों की पार्किग के लिए जगह निर्धारित की जाएगी। दुकानों के बाहर पीली लाइन लगाई जाएगी और दोपहिया वाहन उसी अंदर खड़े रहेंगे। दवाइयों की डिलीवरी देने वाले वाहनों के आने का समय निर्धारित किया जाएगा। मार्केट के दुकानदारों के साथ तालमेल के साथ नगर निगम की पार्किग में गाड़ियां खड़ी करवाने की व्यवस्था की योजना है।

Edited By: Jagran