जागरण संवाददाता, जालंधर : सिविल अस्पताल में पार्किग की समस्या गंभीर हो गई है। पार्किग का ठेका खत्म होने के बाद अब लोगों को खुद ही अपने वाहनों की सुरक्षा करनी पड़ रही है। अस्पताल प्रशासन की ओर से दर्जा कर्मियों को पार्किग की जिम्मेवारी देने की योजना फेल हो गई है। मुलाजिमों ने व्यवस्था देखने से मना कर दिया है। उधर, पार्किग ठेके के लिए अस्पताल ने शॉर्ट टेंडर जारी कर दिए हैं। नए ठेकेदार के आने तक पार्किग को लेकर अव्यवस्था का आलम जारी रहेगा। लोग अपनी जिम्मेवारी पर मुफ्त पार्किग का लाभ उठा रहे हैं।

सिविल अस्पताल में पार्किग का ठेका खत्म होने के बाद पंजाब हेल्थ सिस्टम कारपोरेशन के एमडी ने व्यवस्था को चलाने के लिए दर्जा चार कर्मियों की तैनाती करने के निर्देश दिए थे। सोमवार को अस्पताल प्रशासन ने कर्मचारी ओम प्रकाश को जिम्मेवारी देनी चाही, लेकिन वे लंबी छुट्टी लेकर चले गए। दूसरे कर्मियों ने हाथ खड़े कर दिए। मुलाजिमों का कहना है कि पार्किग के लिए ड्यूटी के दौरान चोरी होने वाले वाहनों की भरपाई उन पर पड़ जाती है। सोमवार को अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड, ट्रॉमा वार्ड, शव गृह तथा जच्चा बच्चा सेंटर के बाहर पार्किग की व्यवस्था बदहाल हो गई थी। इमरजेंसी वार्ड के बाहर जाम वाली स्थिति पैदा हो गई थी। उधर, अस्पताल के सुरक्षा कर्मी मूकदर्शक बने रहे। पूरा दिन लोग अपनी जिम्मेवारी पर वाहनों की मुफ्त पार्किग करते रहे। नए ठेके के लिए शॉर्ट टेंडर जारी : डॉ. बावा

सिविल अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. केएस बावा ने बताया कि नए ठेके के लिए शॉर्ट टेंडर निकाले गए हैं। इसकी न्यूनतम राशि 30 लाख रुपये रखी है। इससे पहले का ठेका 31 लाख रुपये में था। 20 जून को नया ठेकेदार मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में रात को वाहनों के आवागमन को रोकने के लिए सुरक्षा कर्मियों को एक गेट बंद करने की हिदायतें दी गई हैं। जब तक नया ठेकेदार नही मिलता लोग अपनी जिम्मेवारी पर मुफ्त पार्किग करेगी। इस दौरान गाड़ी चोरी होने पर अस्पताल प्रशासन की जिम्मेवारी नहीं होगी।

Posted By: Jagran

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