जागरण संवाददाता, अमृतसर। गुरुनगरी से पांच बार विधायक व कैप्टन अमरिंदर सिंह की कैबिनेट में मंत्री रहे ओम प्रकाश सोनी को मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ उपमुख्यमंत्री लगाया गया है। कांग्रेस के बड़े हिंदू चेहरे में उनका शुमार है। सोनी 1991 में अमृतसर में पहली बार मेयर बने थे और उसके बाद 1997 से लेकर आज तक वह लगातार विधानसभा का चुनाव जीतते आ रहे हैं।

तीन बार 1997 से 2002, 2002 से 2007, 2007 से 2012 तक सोनी विधानसभा हलका पश्चिमी से विजयी हुए, जबकि इसके बाद वह सेंट्रल हलके से चुनाव लड़े और दो बार जीत दर्ज की। पहले दो चुनाव सोनी ने आजाद प्रत्याशी के तौर पर लड़े। सोनी के मंत्री बनते ही रानी का बाग स्थित उनके निवास पर जश्न का माहौल बन गया। समर्थकों ने ढोल की थाप पर भगड़ा डाला और एक दूसरे का मुंह मीठा करवाया।

ओपी सोनी के समर्थक। जागरण

पहले कैप्टन मंत्रिमंडल में नहीं मिली थी सोनी को जगह

पंजाब में कांग्रेस सरकार बनने के बाद कांग्रेस सरकार ने 16 मार्च 2017 को गठित हुई कैबिनेट में वरिष्ठ विधायक होने के बावजूद सोनी को कैबिनेट में जगह नहीं दी थी। उनकी जगह पर शहरी हलके से नवजोत सिंह सिद्धू को मंत्री लिया गया था। कैप्टन सरकार बनने के लिए एक साल 35 दिनों बाद 20 अप्रैल 2018 को उन्हें कैबिनेट में जगह मिल सकी। सोनी अमृतसर शहरी का प्रतिनिधित्व करते है। सोनी लगातार पांचवीं बार विधायक चुने गए हैं।

अमृतसर। ओम प्रकाश सोनी को डिप्टी सीएम बनाए जाने के बाद रानी का बाग स्थित उनके निवास पर खुशी मनाते हुए उनके परिवार के सदस्य।

1991 से 1996 तक अमृतसर के मेयर रहे ओपी सोनी

सोनी का अपना सियासी कद है। कांग्रेस के अहम पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके सोनी 1991 से 1996 तक शहर में मेयर बने और दो बार आल इंडिया कौंसिल आफ मेयर्स के चेयरमैन भी रहे। गांव भीलोवाल, तहसील अजनाला अमृतसर में उनका जन्म 3 जुलाई 1957 को हुआ। उनके पिता जगत मित्र सोनी गांव के सरपंच और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रहे। राजनीति की घुटी उन्हें परिवार से ही मिली।

Edited By: Kamlesh Bhatt