जालंधर, जेएनएन। मखदूमपुरा में रहने वाले मेहंदी आर्टिस्ट की बहन की अगले माह शादी है। इसके लिए उसने लोगों से उधार पैसे लेकर अपने बैंक खाते में रखे हुए थे कि पेटीएम केवाईसी अपडेट करने के नाम पर उसके साथ ऑनलाइन ठगी हो गई। ठग ने खुद को पीटीएम कर्मचारी बता पीड़ित के बैंक खाते से उसके पेटीएम में पहले पैसे ट्रांसफर किए और फिर उसका पेटीएम एकाउंट हैक कर साढ़े 40 हजार रुपये की ठगी को अंजाम दे दिया।

मॉडल टाउन में विनय एंड राजा नाम से मेहंदी लगाने की शॉप चलाते मखदूमपुरा निवासी राम विनय ने बताया कि 27 फरवरी को उनके मोबाइल नंबर पर एक मैसेज आया, जिस में लिखा था कि आपको अपने पेटीएम खाते की केवाईसी अगले 24 घंटे भीतर अपडेट करवानी होगी और ऐसा न करने की सूरत पर उनका पेटीएम खाता बंद कर दिया जाएगा। इस पर मैसेज पर लिखे नंबर पर उन्होंने फोन मिलाया।

फोन उठाने वाले ने खुद को पेटीएम का कर्मचारी बताया और कहा कि अगर केवाईसी अपडेट करवानी है तो वह जो बताता है उसे करो। इसके बाद उक्त व्यक्ति ने उन्हें कहा कि उनके पेटीएम में कुछ पैसे ट्रांसफर करने होंगे। इस के बाद उन्होंने उसके कहे अनुसार उसे अपना डेबिट कार्ड नंबर बताया। इस के बाद उन्हें एक ओटीपी आया, जिसे उन्होंने उक्त व्यक्ति को बताया। इसके बाद उनके बैंक खाते 9999, 19999 और 9999 रुपये तीन किश्तों में निकाले जाने का उनके मोबाइल नंबर पर मैसेज आया।

इसके बाद उक्त व्यक्ति ने उन्हें कहा कि यह नकदी उनके पेटीएम खाते में ट्रांसफर की गई है। केवाईसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वह इसे दोबारा अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं। इस बीच उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया जिसमें क्यूएस ऐप इंस्टाल करने का लिंक था। उक्त व्यक्ति ने उन्हें कहा कि यह ऐप अपने मोबाइल पर इंस्टाल करो। उन्होंने जैसे ही यह एप इंस्टाल की तो उनका पेटीएम खाता हैक हो गया और चंद सैकेंड में उक्त नकदी व पहले से पेटीएम में पड़े 519 रुपये सहित 40516 रुपये ठग ने अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर लिए। उक्त ठगी की शिकायत पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर दफ्तर में की थी, जिस के बाद साइबर सैल मामले की जांच कर रही है।

इन बातों का रखें ध्यान

  • किसी नंबर से पेटीएम केवाईसी कराने के लिए कॉल आता है तो उस पर विश्वास न करें।
  • किसी के कहने पर मोबाइल पर ऐप डाउनलोड न करें। फर्जी एप से वह आपके मोबाइल पर आए मैसेज व ओटीपी को पढ़ सकता है।
  • कोई भी बैंक व वॉलेट कंपनी कभी भी कॉल करके केवाईसी का वेरिफिकेशन नहीं कराती।
  • केवाईसी कराने के लिए पेटीएम अपना प्रतिनिधि भेजता है। प्रतिनिधि की सारी डिटेल उपभोक्ता के मैसेज की जाती है।

इस तरह हो रही ठगी

फर्जी लिंक भेज रहे

ऑनलाइन ठगी करने वाले पेटीएम साइट का फर्जी लिंक बनाकर पेटीएम यूजर को एक मैसेज भेजते हैं। इसमें कैशबैक का ऑफर होता है। इसके लिए पेटीएम यूजर से केवाईसी भरने को कहा जाता है। उक्त फर्जी लिंक से ठग पेटीएम अकाउंट में यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगइन कर उनके खाते से राशि दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर लेते है।

रिमोट एप से धोखाधड़ी

ठग पीड़ित को अपने जाल में फंसाते हुए उसके मोबाइल में एक रिमोट एप डाउनलोड करवाते हैं। फिर रिमोट एप का कोड मांगा जाता है। इस के बाद पीड़ित के फोन का पूरा कंट्रोल ठग के पास चला जाता है।

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