जालंधर, जेएनएन। शहर पुराने बाजारों, वेस्ट हलके के 21 और नॉर्थ की 12 इलाकोंं को कामर्शियल घोषित करने, डीसी रेट पर सफाई सेवक रखने के लिए मेयर और विधायकों ने स्थानीय निकाय मंत्री से सैद्धांतिक मंजूरी ले ली है। निकाय मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने अफसरों को ये सभी प्रस्ताव पास करके निगम को भेजने के निर्देश दिए हैं।

बुधवार को पंजाब कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ के साथ स्थानीय निकाय मंत्री मोहिंद्रा से मीटिंग में यह सभी मामले रखे गए। मीटिंग में मेयर जगदीश राजा, विधायक राजिंदर बेरी, विधायक बावा हैनरी और सुशील रिंकू, विधायक परगट सिंह ने निकाय मंत्री को बताया कि शहर के पुराने इलाकों में 33 फीट और नए इलाकों में 60 फीट चौड़ी सड़क पर ही कामर्शियल नक्शा पास हो सकता है। उन्होंने बताया कि शहर के पुराने बाजार, जो आजादी से पहले के हैं, में ज्यादा इलाकों में सड़कें 15 फुट से 25 फुट तक चौड़ी हैं। नए इलाकों में 20 से 40 फुट चौड़ी सड़कें हैं। इन सड़कों पर 99 प्रतिशत कामर्शयल इमारतें हैं और कई दशकों पुरानी हैं।

 

इन इलाकों में खस्ताहाल हो चुकी पुरानी इमारतों को दोबारा बनाने की मंजूरी नहीं मिलती, खाली जमीन पर नई इमारत नहीं बनाई जा सकती। ऐसे में बिना मंजूरी के ही निर्माण हो रहे हैं या फिर निगम की कार्रवाई के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसलिए इन सड़कों पर नए नक्शे पास करने और पुरानी इमारतों को समझौते के तहत मंजूर करने की मंजूरी दी जाए। विधायक राजिंदर बेरी को निगम हाउस में प्रस्ताव के तहत पुराने बाजारों में शामिल गुड़ मंडी, रैणक बाजार, इमाम नासर, अटारी बाजार, ब्रांडरथ रोड को कामर्शियल घोषित करने की मंजूरी जल्द ही मिल जाने की उम्मीद है।

मेयर जगदीश राजा और विधायक राजिंदर बेरी ने बताया कि निकाय मंत्री सैद्धांतिक रूप से इसकी मंजूरी दे दी है और अफसरों को भी निर्देश दे दिए हैं कि विधायक बेरी, सुशील रिंकू और बावा हैनरी के प्रस्ताव पास करके भेजे जाएं।

 

जोजिंग से नए इलाके भी साथ जुड़ेंगे : बेरी

विधायक बेरी ने कहा है कि प्रस्ताव में लिखा है कि बाजारों के वह सभी इलाके जो दशकों पुराने हैं और आजादी के समय से ही वहां दुकानें हैं, उन सभी को कामर्शियल कैटेगिरी में शामिल करेंगे। बाजारों के साथ लगती गलियों, मोहल्लों को भी साथ जोड़ा जाएगा। जो इलाके लिस्ट में नहीं हैं उन्हें जोनिंग सर्वे के तहत इसमें शामिल किया जाएगा।

 

बिना मंजूरी बनी इमारतें भी बच सकती हैं

शहर में बिना मंजूरी बनी इमारतों के खिलाफ हाईकोर्ट में केस चल रहा है। ऐसे में कई इमारतें सील हुई और कोर्ट की सख्ती के बाद कई इमारतें गिराई गई हैं। अगर स्थानीय निकाय मंत्रालय शहर की कई सड़कों को कामर्शियल घोषित कर देता है तो सैकड़ों लोगों को राहत मिल जाएगी। हालांकि जिन इमारतों के खिलाफ कोर्ट में मामला है उन्हें राहत कोर्ट के रुख पर ही निर्भर करती है।शहर में हजारों अवैध इमारतें हैं जिनमें से 448 के खिलाफ हाईकोर्ट में शिकायत है। सरकार की मंजूरी के बाद कामर्शियल निर्माण से जो पैसा अफसरों की जेब में जा रहा था वह निगम को मिलना शुरू हो जाएगा।

वेस्ट हलके की कामर्शियल होने वाली सड़कें

  • शहीद बाबू लाभ सिंह नगर पुल से नागरा रोड पर गंदे नाले के पुल तक।
  • बस्ती बावा खेल नहर से बाबू लाभ सिंह नगर के नहर के पुल तक दोनों तरफ।
  • बस्ती बावा खेल नहर से गाखल पुल तक।
  • बस्ती पीरदाद नहर पुल से गंदा नाला लेदर कांप्लेक्स तक।
  • राजनगर मोड़ से मधुबन कॉलोनी मोड़ तक।
  • बस्ती पीरदाद गुरुद्वारा से बस्ती बावा खेल अड्डे तक।
  • गुरुद्वारा बस्ती पीरदाद से शेर सिंह कॉलोनी के पुल तक।
  • गुरद्वारा आदर्श नगर से जेपी नगर, हरबंस नगर, 120 फुट रोड तक।
  • झंडियांवाला पीर चौक से आदर्श नगर, कृष्णा नगर, बस्ती मिट्ठू रोड नहर तक।
  • झंडियांवाला पीर चौक से कार बाजार अवतार नगर, नकोदर चौक तक।
  • फुटबॉल चौक से बस्ती नौ, बस्ती गुजां, बाबू जगजीवन राम चौक तक।
  • बाबू जगजीवन राम चौक से बस्ती दानिशमंदा गाखल पुल तक।
  • शेर ङ्क्षसह पुल से कुटिया रोड बस्ती दानिशमंदा रोड तक।
  • इवनिंग कॉलेज बस्ती नौ से वीर बबरीक चौक तक।
  • वीर बबरीक चौक से बस्ती शेख, मॉडल हाउस, गुरु रविदास चौक तक।
  • घास मंडी चौक बस्ती शेख से काला संघिया रोड धालीवाल पुली तक।
  • घई नगर से शहंशाह पैलेस रोड, सिद्धार्थ नगर से नकोदर रोड तक।
  • बस्ती शेख अड्डे से शहनाई पैलेस चौक तक।
  • परशुराम भवन मोड़ से बस्ती मिट्ठू मोड़ तक।
  • रतन ब्रदर्स मोड़ से नाहला पुल तक।
  • घास मंडी चौक से दशमेश नगर, नाखां वाला बाग तक।

    नॉर्थ हलके में कामर्शियल होने वाले इलाके

  • वर्कशॉप चौक से रेलवे स्टेशन।
  • वर्कशाप चौक से गुलाब देवी रोड।
  • अड्डा होशियारपुर फाटक से लम्मा पिंड चौक।
  • दोमोरिया पुल चौक से सोढल चौक।
  • सोढल चौक से कनाल रोड।
  • सोढल चौक से सोढल फाटक
  • वेरका मिल्क प्लांट से गदईपुर।
  • जेएमपी चौक से गुज्जा पीर रोड।
  • मकसूदां चौक से नंदनपुर रोड।
  • मकसूदां चौक से नंदनपुर रोड।
  • मकसूदां चौक से नागरा रोड।
  • गुरु रविदास स्कूल से जैमल सिंह नगर।
  • भगत सिंह चौक से अड्डा होशियारपुर रोड।

810 सफाई मुलाजिमों की भर्ती के लिए भी मांगी मंजूरी

मेयर जगदीश जगदीश राजा और विधायकों ने निकाय मंत्री से मांग की है कि हाउस में पास किए गए प्रस्ताव के तहत नगर निगम को डीसी रेट पर 810 सफाई मुलाजिम रखने की मंजूरी दी जाए। इस पर ब्रह्म मोहिंद्रा ने कहा है कि निगम के प्रस्ताव पर सकारात्मक रवैया रहेगा। नगर निगम ने प्रस्ताव पास किया है निगम में सफाई सेवकों के 2264 पद हैं जिनमें से 300 पद खाली हैं। शहर के वार्ड 60 से 80 हो गए हैं और शहर में कई नए इलाके डवलप हो गए हैं। इसलिए इन इलाकों के लिए 535 और शहर में शामिल किए गए 11 गांवों के लिए 275 सफाई मुलाजिमों की जरूरत है। इसलिए 810 मुलाजिमों की भर्ती की मंजूरी दी जाए। 11 गांवों के लिए 11 सुपरवाइजरों की भी भर्ती होनी चाहिए।

 

बकाया 69 करोड़ और ग्रांट के लिए सीएम से मीटिंग करवाएंगे

मेयर जगदीश राजा ने सरकार की तरफ नगर निगम के बकाया 69 करोड़ रुपये की मांगी भी की है। मेयर ने कहा कि अगर निगम को जीएसटी के पेंडिंग 30 करोड़, एडिशनल एक्साइज ड्यूटी के 25.84 करोड़, म्यूनिसिपल टैक्स के नौ करोड़ और ऑन लाइन नक्शा फीस के चार करोड़ रुपये मिल जाएं तो मुलाजिमों को वेतन देने में आसानी होगी और शहर में विकास कार्य भी तेज होंगे। ठेकेदारों का सिर्फ 11 करोड़ बकाया है। अगर यह पैसे दे दते हैं तो 50 करोड़ के नए काम शुरू हो सकते हैं। स्थानीय निकाय मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने कहा कि वह फंड के मसले पर जल्द ही उनकी मुख्यमंत्री से मीटिंग करवाएंगे।

 

Posted By: Pankaj Dwivedi

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