जागरण संवाददाता, जालंधर : सोमवार को प्रदेश के सभी नगर निगमों के टाउन प्ला¨नग विगों की चंडीगढ़ में हुई समीक्षा बैठक में नगर निगम के अफसरों की अवैध निर्माणों और अवैध कालोनियों पर कार्रवाई नहीं करने को लेकर जमकर फटकार लगी। निदेशक स्थानीय निकाय करुनेश शर्मा ने अफसरों से पूछा कि अवैध निर्माण हो कैसे जाता है, अफसर और फील्ड स्टाफ कहां होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, नहीं तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें। सरकारी की पॉलिसी के तहत पहले कॉलोनियां रेगुलर होंगी और बाद में प्लॉट। शर्मा ने अफसरों से पूछा कि अवैध कॉलोनियां काटने की इजाजत कौन देता है और उन पर कार्रवाई क्यों नहीं होती।

प्रमुख सचिव ए वेणु प्रसाद और चीफ टाउन प्लानर गौतम कुमार ने भी अफसरों की खूब क्लास लगाई। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी तरह के दबाव में न आएं। फिर चाहे राजनीतिक दबाव ही क्यों न हो। जिसके इलाके में अवैध निर्माण होगा या अवैध कालोनी काटी जाएगी, जवाबदेही भी सीधी उसकी ही होगी।

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30 दिन में पास हो रिहायशी नक्शा, 60 दिन में कॉमर्शियल

रिव्यू बैठक में नगर निगम के अफसरों की नक्शा पास करने में कई-कई महीने लगा देने को भी लेकर भी फजीहत झेलनी पड़ी। बि¨ल्डग ब्रांच के सूत्रों ने बताया कि बैठक में स्पष्ट किया गया कि बार-बार नक्शे में ऑब्जेक्शन लगाकर लोगों को परेशान करने का खेल बंद किया जाए। रिहायशी निर्माण का नक्शा 30 दिन में और कॉमर्शियल नक्शा 60 दिन में पास होना ही चाहिए।

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मैरिज पैलेसों संचालकों को 30 जून तक का समय

बैठक में प्रमुख सचिव, निदेशक स्थानीय निकाय और चीफ टाउन प्लानर ने मैरिज पैलेसों के मामले में स्पष्ट कहा कि जिन मैरिज पैलेसों की ओर से नियमों का पालन नहीं किया जाएगा, उन पर सख्त कार्रवाई तय है। अफसरों से मैरिज पैलेस संचालकों को 30 जून तक का समय देने के लिए कहा गया। उसके बाद कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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Posted By: Jagran

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