अंकित शर्मा, जालंधर

दिव्यांगों के लिए सुविधाओं का ख्याल नहीं रखने वाले राज्य के 1528 स्कूलों को शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार ने नोटिस निकाल दिया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्यभर के सभी जिला शिक्षा अधिकारी एलीमेंट्री व सेकेंडरी को स्कूलों की स्थिति को चेक व वेरिफाई करने के लिए कहा गया है। जिन स्कूलों में सुविधाएं नहीं है, उनकी रिपोर्ट तैयार करने के लिए भी कहा है। नोटिस के तहत सभी को जल्द से जल्द दिव्यांगों के लिए 'राइट फार डिसएबिलिटी पीपल एक्ट-2016' के तहत व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए कहा है। स्कूलों को कहा गया है कि स्कूल में कहीं भी एक शौचालय दिव्यांगों के लिए बनाया जाए, जहां तक वे आसानी से पहुंच भी सकें और उसका प्रयोग करने में भी कोई दिक्कत न आए।

बता दें कि दैनिक जागरण ने राज्य के 1528 स्कूलों में दिव्यांगों के लिए सुविधाएं न होने की खबर प्रकाशित कर मुद्दा उठाया था। इसके बाद एक्सपर्ट मेंबर स्टेट एडवाइजरी बोर्ड व स्टेट को-आर्डिनेटर पीडब्ल्यूडी इलेक्शन अमरजीत सिंह आनंद ने इस मुद्दे को लेकर डिसएबिलिटी कमिश्नर पंजाब को पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने डीसी, जिला शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगकर इस मामले का संज्ञान लेने की अपील की थी। उसी पर संज्ञान लेते हुए शिक्षा सचिव ने अब यह नोटिस निकाला है। इस जिले के इतने स्कूलों में दिव्यांगों के लिए शौचालय नहीं

आरटीआइ के तहत मिली जानकारी के अनुसार जालंधर के 100 स्कूलों सहित लुधियाना के 225, अमृतसर के 125, पटियाला के 120, संगरूर के 113, होशियारपुर के 68, मोगा के 68, बठिडा के 65, कपूरथला के 53, नवांशहर के 36 स्कूलों में दिव्यांगों के लिए शौचालय नहीं है।

Edited By: Jagran