जागरण टीम, भोगपुर, जालंधर : सेहत विभाग अंबाला की ओर से भोगपुर के बाघा अस्पताल एवं मेटरनिटी होम में भ्रूण का ¨लग जांचने को लेकर छापामारी के बाद बुधवार को मामले को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय में अफरातफरी का माहौल रहा। इस बीच सेहत विभाग ने बाघा अस्पताल को कारण बताओ नोटिस भेज कर अस्पताल के डॉ. हरजीत ¨सह कंग को कठघरे में खड़ा करने की तैयारी शुरू कर दी है। उधर, सेहत विभाग अंबाला ने एजेंट महिला सहित चार के खिलाफ मामला दर्ज करवा कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि सेहत विभाग अंबाला की टीम को सेहत विभाग जालंधर से सहयोग न मिलने पर मामला हरियाणा और पंजाब सरकार के आला अधिकारियों तक पहुंच गया है।

इधर, मामले को लेकर सुबह से ही सिविल अस्पताल ऑफिस में सिविल सर्जन डॉ. जसप्रीत कौर सेखों, जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. गुरमीत कौर दुग्गल व वकीलों के साथ बैठकों का दौर चलता रहा। देर शाम तक डीए लीगल के साथ भी गहन विचार-विमर्श हुआ। इस बीच ऑफिस का कामकाज प्रभावित होने से वहां पहुंचे लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। सिविल सर्जन डॉ. जसप्रीत कौर सेखों ने बताया कि बाघा अस्पताल के डॉ. हरजीत ¨सह कंग को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें 7 दिन में जवाब देना होगा। इसके अलावा विभाग की ओर से डॉक्टर का पूरा रिकार्ड सेहत विभाग के समक्ष पेश करने के लिए समन की तरह अति जरूरी पत्र जारी किया जाएगा। मामले को लेकर डीएल लीगल के साथ बैठक हुई है। डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज करने की तैयारी कर ली गई है। अंबाला से पुलिस में मामला दर्ज होने की कॉपी मिलते ही केस फाइल कर दिया जाएगा।

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अस्पताल से मायूस लौटे मरीज

बाघा अस्पताल में बुधवार को कामकाज ठप रहा । करीब 10-12 मरीज आए जिन्हें मुलाजिम ने डॉक्टर के न होने की बात कहकर लौटा दिया। पूरा दिन पंजाब पुलिस के जवान अस्पताल के सील किए गए कमरों की निगरानी करते रहे।

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पहले भी सुर्खियों में रहा बाघा अस्पताल

सेहत विभाग के अनुसार भ्रूण की ¨लग जांच मामलों को लेकर बाघा अस्पताल पहले भी सुर्खियों में रहा। सेहत विभाग पहले भी दो -तीन बार छापामारी कर डॉक्टर को ¨लग जांच करते पकड़ चुका है। हालांकि बार-बार खामियां पाए जाने के बावजूद विभाग अस्पताल में चल रही अल्ट्रासाउंड मशीन का लाइसेंस कैंसल करने में असमर्थ रहा। हालांकि इसी से संबंधित मामले में निचली अदालत ने डॉक्टर को सजा भी सुनाई थी। सेशन जज की अदालत में अपील करने से डॉक्टर को राहत मिली थी।

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सहयोग न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने में मूड में सरकार

सेहत विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी सतीश चंद्र का कहना है कि भ्रूण की ¨लग जांच करना संगीन जुर्म है। जालंधर के सिविल सर्जन व अन्य अधिकारियों की टीम द्वारा सेहत विभाग अंबाला की टीम को भोगपुर में छापामारी के दौरान सहयोग न देने की सूचना मिली है। अंबाला के अधिकारी विभाग के प्रमुख सचिव को इस संबंध में लिखित शिकायत दें। हरियाणा के प्रमुख सचिव की ओर से उन्हें उक्त मामले में पत्र मिलने के आधार पर सेहत विभाग जालंधर की टीम के खिलाफ कोई कार्रवाई की जा सकती है। उधर, सेहत विभाग अंबाला के नोडल अफसर डॉ. अर¨वदर जीत ¨सह ने मंगलवार को सेहत विभाग जालंधर की ओर से सहयोग न देने के आरोप लगाएं है। टीम पर मौके पर पहुंचती तो डॉक्टर, स्टाफ और अल्ट्रासाउंड मशीन व अन्य रिकार्ड भी कब्जे में होता। उनकी टीम के साथ पहली बार हुआ है।

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मुझे बेवजह फंसाया जा रहा : डॉ. कंग

बाघा अस्पताल के डॉ. हरजीत ¨सह कंग ने बताया कि उन पर कोख में पल रहे भ्रूण का ¨लग जांच करने के आरोप बेबुनियाद है। उन्हें बेवजह फंसाया जा रहा है। मंगलवार को वह अपने रिश्तेदार की मौत होने की वजह से गांव बाघा गए थे। उन्होंने कोई भी स्कैन नहीं की। उन्होंने कहा कि वह विभाग की ओर से भेजे गए नोटिस का जवाब देंगे।

Posted By: Jagran