जागरण संवाददाता, जालंधर : सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार 12 सितंबर तक किसानों को इन्हांसमेंट देना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के लिए संभव होता नहीं दिख रहा है। लगभग कंगाली के दौर से गुजर रहे इंप्रूवमेंट ट्रस्ट पर पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) का भी 105 करोड़ रुपये का लोन बकाया है। बैंक ने ट्रस्ट की 577 करोड़ रुपये की 17 संपत्तियों पर कब्जा कर लिया है। ऐसे में सूर्या एंक्लेव के लिए जमीन बेचने वाले किसानों को करीब 100 करोड़ रुपये इन्हांसमेंट का भुगतान करने को लेकर अधिकारियों की सांसे फूलने लगी है। ट्रस्ट अब तक ना ही फंड की व्यवस्था कर पाया है और ना ही किसी प्रापर्टी की नीलामी हो पाई है।

बताया जा रहा है कि 12 सितंबर को ट्रस्ट की ईओ को सुप्रीम कोर्ट में पेश होना है। इसलिए कोर्ट में अपने वित्तीय हालत और चौतरफा मुसीबतों का हवाला देकर इन्हांसमेंट भुगतान के लिए ट्रस्ट कुछ और मोहलत मांगने की योजना बनाने में लगा है।

गौरतलब है कि 170 एकड़ सूर्या एंक्लेव के लिए ट्रस्ट ने किसानों से जमीन खरीदी थी। किसानों ने इन्हांसमेंट का केस कर दिया और हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक फैसला किसानों के हक में आया। सुप्रीम कोर्ट ने 1 नवंबर, 2017 को फैसला देते हुए 60 दिनों में भुगतान करने को कहा था। पर छह महीने बीत जाने के बावजूद इन्हांसमेंट नहीं मिलने पर किसानों ने दोबारा सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने पहले ट्रस्ट 12 सितंबर तक इनहांसमेंट देकर कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है। ट्रस्ट की ईओ सु¨रदर कुमारी का कहना है कि फिलहाल इन्हांसंमेंट के लिए फंड का कोई इंतजाम नहीं हो पाया है। इसके लिए सरकार से भी फंड मुहैया कराने की मांग की गई है ताकि कुछ भुगतान किया जा सके। कोशिश होगी की सुप्रीम कोर्ट से मोहलत मांगी जाए, ताकि फंड का इंतजाम कर इन्हांसमेंट दी जा सके।

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200 करोड़ की प्रापर्टी अब भी है नीलामी के लिए : ईओ

ईओ सु¨रदर कुमारी का कहना है कि ट्रस्ट के पास अब भी करीब 200 करोड़ रुपये की प्रापर्टी है। उसे नीलाम कर फंड का इंतजाम किया जा सकता है। कोशिश है कि जल्द ही सरकार से मंजूरी लेकर नीलामी करवाई जाए, ताकि बैंक और किसानों की इन्हांसंमेंट का भी भुगतान किया जा सके।

Posted By: Jagran