जागरण संवाददाता, जालंधर : शहर की करीब 350 अवैध कालोनियों में रजिस्ट्रियों पर राजनीतिक दबाव में रोक हटवाने का प्रयास एक बार फिर से विफल रहा। छह माह में ये दूसरा प्रयास था। असल में तहसील में रजिस्ट्रियों पर न तो पहले किसी प्रकार की रोक थी, न ही इस समय है। अवैध रूप से बनीं कॉलोनियों में जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगाई गई है, जो आज भी जारी है।

आज जिला शहरी कांग्रेस प्रधान दलजीत ¨सह आहलुवालिया व प्रॉपर्टी कारोबारी एसोसिएशन जालंधर के प्रधान मेजर ¨सह के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं व प्रॉपर्टी कारोबारियों ने डिप्टी कमिश्नर व¨रदर कुमार शर्मा से मुलाकात कर उन्हें मांगपत्र सौंपा। मांग पत्र में कारोबारियों ने कहा कि जालंधर शहरी सर्कल के अधिकार क्षेत्र में आने वाली प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रेशन का काम बंद कर दिया गया है। इससे आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राजस्व विभाग को भी वित्तीय नुकसान हो रहा है, जबकि सरकार ने रजिस्ट्रियों पर रोक नहीं लगाई गई है।

मांग पत्र के आधार पर डिप्टी कमिश्नर व¨रदर कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि तहसील में रजिस्ट्रियों पर कोई रोक नहीं है। सिर्फ शहर की अवैध कॉलोनियों में जमीन की खरीद-फरोख्त होने वाली रजिस्ट्रियों पर रोक लगाई गई है, इसके लिए सरकार से स्पष्ट आदेश हैं। अवैध कॉलोनियों की सूची नगर निगम की ओर से सौंपी गई है। सूची में शामिल कॉलोनियों में जमीन की खरीद फरीख्त की रजिस्ट्रियों पर किसी भी कीमत पर इजाजत नहीं दी जा सकती है।

इस पर प्रॉपर्टी कारोबारियों ने डीसी को कहा कि पंजाब सरकार की कैबिनेट ये पास कर चुकी है कि अनाधिकृत कॉलोनियों को निर्धारित फीस लेकर रेगुलर कर दिया जाएगा। कॉलोनियों पर रोक शहरी क्षेत्रों के अलावा अन्य कहीं नहीं है। इस पर डीसी ने कारोबारियों से कहा कि अगर अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्रियां करने का उनके पास कोई सरकारी आदेश है तो वे ले आएं, उस पर विचार किया जाएगा। कारोबारी इसका कोई उत्तर नहीं दे सके। इस मौके पर कांग्रेस नेताओं के साथ प्रॉपर्टी कारोबारी एसोसिएशन के अध्यक्ष मेजर ¨सह, मन¨जदर जौहल, लखबीर बाजवा, अमरीक बागड़ी, नीलकंठ जज, सोमप्रकाश अरोड़ा, सुरेश अरोड़ा, भू¨पदर ¨सह ¨भदा आदि शामिल थे।

Posted By: Jagran