संस, जालंधर : जंडियाला मंजकी के गांव पत्ती राम निवासी टिप्पर चालक सुखजीत सिंह उर्फ सुच्चा की हत्या करने वाले आरोपित उसके दोनों दोस्त पवन और अमरजीत ¨सह को पुलिस ने हिमाचल के जिला कांगड़ा से गिरफ्तार कर लिया है। हत्या के बाद दोनों पहले होशियारपुर में रहे और फिर वहां से कांगड़ा चले गए। हत्या सिर्फ इसलिए की गई कि सुच्चा को ढाई लाख रुपये न देने पड़ें। एडीसीपी सुडरविली और एसीपी दलबीर ¨सह ने बताया कि पवन, अमरजीत ¨सह और सुखजीत ¨सह सुच्चा आपस में गहरे दोस्त थे। उनका एक साथी था मो¨हदर ¨सह वलैतिया, जिसका नकोदर के गांव बजूहा खुर्द निवासी सोढी नाम के व्यक्ति के साथ पैसों का विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते मो¨हदर ¨सह ने सुच्चा, अमरजीत और उसके साथी राहुल को सोढी के हाथ पांव तोड़ने की सुपारी दी, जिसके बाद तीनों ने सोढी पर जानलेवा हमला किया था। थाना नकोदर में तीनों के खिलाफ मामला भी दर्ज हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार भी कर लिया। जेल से वापस आने के बाद तीनों का पैसों के लेनदेन का विवाद हुआ था। 13 जुलाई को सुच्चा की तेजधार हथियारों से हत्या कर दी गई थी और उसका शव खेतों में मिला था। सुच्चा के पिता कंवर ¨सह की शिकायत पर पुलिस ने पवन कुमार पवनी और अमरजीत ¨सह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। सोमवार को गुप्त सूचना के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि सुच्चा नकोदर वाले मामले में उनसे ढाई लाख रुपये मांग रहा था। न देने पर उनकी बाजू काट देने की धमकी दे रहा था। ऐसे में अमरजीत ने अपने दोस्त पवन को साथ लिया और वारदात वाली शाम को उसे शराब पीने के बहाने साथ ले गए। वहां पर दोनों ने पहले से ही गंडासे छुपा कर रखे थे। शराब पिलाने के बाद उन्होंने गंडासे निकाल कर सुच्चा पर बेरहमी से वार कर कत्ल कर दिया। थाना प्रभारी बिमल कांत ने बताया कि दोनों को मंगलवार अदालत में पेश कर रिमांड पर लेकर पूरे मामले की तफ्तीश की जाएगी। रोटी के लाले पड़े तो किया घर पर फोन, पुलिस ने ट्रेस कर किया काबू

सुच्चा का कत्ल करने के बाद अमरजीत ¨सह और पवन ने अपने मोबाइल से सिम निकाल कर तोड़ दिए और होशियारपुर चले गए। वहां से बस में बैठ कर कांगड़ा में पहुंचे और तीन दिन तक वहीं पर रहे। दो दिन में पैसे खत्म हो गए तो कांगड़ा देवी मंदिर में रहने लगे और लंगर खा कर गुजारा करते थे। लंगर भी एक ही समय मिलता था जिससे उनको रोटी के भी लाले पड़ गए। ऐसे में उन्होंने वहां पर एक व्यक्ति का फोन लिया और घर पर फोन कर परिजनों से चार पांच हजार रुपये मांगे। पुलिस ने उनके परिजनों के नंबर ट्रैप पर लगाए थे जिसके चलते उनको मोबाइल नंबर मिल गया। पुलिस ने जब उस नंबर को ट्रेस किया और परिजनों से कहा कि वह पैसे देने के लिए कांगड़ा में जाएं। पुलिस भी उनके पीछे पहुंच गई और आखिरकार उनको मंदिर की सराय से गिरफ्तार कर लिया। दोस्ती की खातिर बन गया हत्यारा

नकोदर में हत्या के प्रयास के मामले में सुच्चा, अमरजीत और राहुल नामजद हुए थे। सुच्चा अमरजीत और राहुल से पैसे मांगता था, लेकिन पवन बीच में सिर्फ दोस्ती की खातिर हत्यारा बन गया। पवन सुच्चा और अमरजीत का सांझा दोस्त था लेकिन उसकी बनती अमरजीत से ज्यादा थी क्योंकि सुच्चा थोड़ा गुस्से वाला था और रौब रखता था। अमरजीत पर जब सुच्चा की तरफ से पैसे देने का दबाव बढ़ने लगा तो उसने पवन से बात की और हत्या का प्लान तैयार कर दिया। पवन का इससे कुछ लेना देना नहीं था लेकिन दोस्त की खातिर वो भी सुच्चा को रास्ते से हटाने के लिए तैयार हो गया। गंडासे दोनों लेकर आए थे और हत्यास्थल पर पहले से ही छिपा दिए थे। इस हत्याकांड में फिलहाल राहुल का कोई हाथ नहीं निकला। पांच लोगों की टीम ने पकड़े हत्यारे

एसीपी दलबीर ¨सह ने बताया कि सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी बिमल कांत, एएसआई मेजर ¨सह, जंडियाला चौकी इंचार्ज, एएसआई मदन ¨सह फतेहपुर चौकी इंचार्ज, हेड कांस्टेबल गु¨रदर ¨सह विर्क और टेक्निकल सेल के ललित की टीम तैयार की गई थी। इन तीन लोगों की टीम ने ही तीन दिन की मेहनत के बाद हत्यारोपी गिरफ्तार किए। उन्होंने बताया कि पवन और अमरजीत को पकड़ने वाली टीम को सम्मानित किया जाएगा।

Posted By: Jagran

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