अमृतसर [विपिन कुमार राणा]। महंगाई को लेकर सांसद गुरजीत सिंह औजला ने अटारी से जलियांवाला बाग तक साइकिल रैली रखी। इसके लिए नेताओं को बुला तो लिया, पर अब तीस किलोमीटर साइकिल कौन चलाएगा। जैसे ही रैली शुरू हुई तो नेताओं ने पूरे जोश से इसमें भाग लिया, लेकिन अमृतसर आते-आते आधे से ज्यादा नेता रास्ते से ही गायब हो गए। औजला ने इस रैली को लीड करते हुए अपना स्टेमिना दिखा दिया। आखिर रैली जलियांवाला बाग आकर संपन्न हुई। इसके बाद नेताओं में ही यह चर्चा छिड़ गई कि नेताजी ने रैली तो रख ली, मगर पहले यह तो टेस्ट कर लेते कि इतना साइकिल अब चला कौन पाएगा। यहां तो दो-चार किलोमीटर में ही लोगों की सांस उखड़ने लगती है। ऐसे में तीस किलोमीटर साइकिल तो औजला चला गए, पर बाकियों ने जो दस-पंद्रह किलोमीटर भी चलाया है, उनकी टांगों का हाल क्या होगा, यह सुबह उठने के बाद ही पता चलेगा।

शहर को चाहिए स्थायी कमिश्नर

मेयर और निगम कमिश्नर के बीच विवाद में कमिश्नर का अमृतसर से तबादला हो गया। डिप्टी सीएम, दो कैबिनेट मंत्रियों, पीपीसीसी प्रधान, सांसद वाला शहर 12 दिन तक बिना कमिश्नर के चला। उम्मीद थी कि अगला कमिश्नर वही लगेगा, जो इन सभी नेताओं के अलावा विधायकों व मेयर के हित की पूर्ति कर सके, पर लंबे इंतजार के बाद भी शहर को स्थायी कमिश्नर नहीं मिला। एडिशनल चार्ज में कमिश्नर दिया गया तो निगम गलियारे में भी चर्चा छिड़ गई कि गुरुनगरी को कम से कम सरकार कमिश्नर तो पक्का दे देती। चाहे जिन्हें एडिशनल कमिश्नर लगाया है, वह काबिल अधिकारी हैं, पर दो शहरों के काम को करना भी आसान नहीं है। चुनाव भी पास ही हैं और निगम का हाल वैसे भी किसी से छिपा नहीं है। पूर्व कमिश्नर जाते-जाते कई नेताओं को सियासी सेक दे गए हैं, अगर उनकी जांच खुल गई तो परेशानी बढ़ सकती है।

पंजाब के पोल खोल सिद्धू

पंजाब सरकार के लिए प्रदेश कांग्रेस प्रधान नवजोत ङ्क्षसह सिद्धू ही चुनौती बने हुए हैं। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी सुबह कोई घोषणा करते हैं तो दोपहर होते-होते नवजोत सिद्धू उनके दावों की हकीकत से लोगों को रुबरु करवा देते हैं। दूसरी पार्टियों की ओर से की जा रही घोषणाओं की भी सिद्धू ने हवा निकालकर रखी दी है। पिछले दिनों सिद्धू ने अभी तक हुई घोषणा के बारे में बताया कि नेता एक लाख दस हजार करोड़ की घोषणाएं कर चुके हैं, जबकि सरकार का अपना बजट 72 हजार करोड़ है। पिछले दिनों कंपनी बाग में जुटे बुजुर्गों में जब इसकी चर्चा छिड़ी तो एक ने चुटकी लेते हुए कहा कि विपक्ष और बाकियों के दावों की हवा निकालने का काम सिद्धू बाखूबी कर रहे हैं। नवजोत सिद्धू ने पूरी कैलकुलेशन करके नेताओं की पोल खोल दी। फिर चाहे इससे अपनों को नुकसान पहुंच रहा हो या फिर विरोधियों को।

घोषणा की सिद्धू ने उड़ाई खिल्ली

मुख्यमंत्री चरणजीत ङ्क्षसह चन्नी ने एक कार्यक्रम में कहा कि वह केबल माफिया पर शिकंजा कसेंगे। लोगों को सौ रुपये प्रति महीना में केबल मिलेगी। इस घोषणा के बाद लोगों के चेहरे खिल गए, परंतु कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नवजोत ङ्क्षसह सिद्धू ने अपनी ही सरकार के सीएस के दावे की यह कहते हुए खिल्ली उड़ाई कि जब ट्राई का रेट ही 130 रुपये तय है तो सीएम 100 रुपये में केबल कैसे देंगे? इस पर चुटकी लेते हुए युवा आरटीआइ एक्टीविस्ट ने वीडियो जारी करते हुए कहा कि सीएम ने घोषणा करके काम तो सिर फड़वाने वाला किया है। उन्होंने लोगों को तो अपील कर दी है कि वह सौ रुपये दें, पर यह उनके अधिकार क्षेत्र में ही नहीं है। लोगों ने भी यदि केबल वालों के साथ पंगा डाल दिया तो सीएम का कुछ जाना नहीं और मोहल्लों में केबल को लेकर सिर फड़वाने की नौबत आ जाएगी।

Edited By: Vinay Kumar