जालंधर, जेएनएन। सोमवार को पूरा देश महिला दिवस पर महिलाओं का सम्मान कर रहा था वहीं कपूरथला चौक के पास स्थित गांधी वनिता आश्रम की 46 लड़कियां सड़क किनारे खड़े हो रो-रोकर खुद के लिए इंसाफ मांग रही थीं। ये सभी लड़कियां शाम सात बजे आश्रम से भागीं थी। भागकर तीन सौ मीटर दूर एक शापिंग माल के बाहर आ पहुंची। वहां तीन घंटे तक हाईप्रोफाइल ड्रामा चला। पुलिस किसी तरह समझा-बुझाकर इनको आश्रम लेकर आई लेकिन इसी बीच मौका पाकर चार लड़कियां ट्रेन चढ़ चुकी थीं। देर रात उन चारों को भी चहेड़ू के पास ट्रेन से बरामद कर लिया गया। आश्रम से भागने वाली लड़कियों में जालंधर की एक लड़की थी जबकि बाकी सारी दूसरे शहरों की थी।

दरअसल, देर शाम आश्रम में लड़कियों की गिनती की गई तो मौके पर 39 ही मिलीं। कुल 85 लड़कियां में से 46 लड़कियां फरार हो चुकी थी। लड़कियों के भागने की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने पहले सब्जी मंडी चौक (पटेल चौक) के पास उनको रोका लेकिन लड़कियां वहां से फिर भागी। उसके बाद उन्हें एक शापिंग माल के पास रोक लिया गया। वहां लड़कियों ने धमकी दी कि यदि उनको किसी पुलिसवाले ने हाथ लगाया तो वह सारी आत्महत्या कर लेंगी। इस दौरान उन्होंने आश्रम प्रबंधन पर भी गंभीर आरोप लगाए। एसडीएम वन जैइंदर सिंह, जिला प्रोग्राम अफसर गुरमदर सिंह सहित एडीसीपी जगजीत सिंह सरोआ, एसीपी हरसिमरत सिंह, थाना दो के प्रभारी सुखबीर सिंह, थाना चार के प्रभारी सुखदेव सिंह, थाना बारादरी के प्रभारी रविंदर कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने लड़कियों को समझाया और बस में बिठाकर वापस लेकर आए।

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...इसलिए भागीं, आश्रम प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप

गांधी वनिता आश्रम में रहने वाली लड़कियों ने बताया कि वो करीब दो ढाई साल से आश्रम में रह रही हैं। उन्होंने बताया कि वह सारी घर से भागी थी और शादी करवा ली थी। पुलिस ने उनको पकड़ा और जालंधर के गांधी वनिता आश्रम में भेज दिया। आश्रम में उनको सिर्फ दो वक्त दो-दो रोटियां दी जाती हैं। कपड़े भी नहीं दिए जाते और विरोध करने पर मारपीट की जाती है। आरोप लगाया कि आश्रम में तैनात पुलिस कर्मी, वार्डन उनको मानसिक रूप से प्रताडि़त करते हैं और परिजनों से बात भी नहीं करते। बड़ा आरोप यह था कि बीते कुछ समय में तीन लड़कियों की अंदर मौत हो गई। उनके बीमार होने पर उनका सही ढंग से इलाज नहीं किया जाता। एक डाक्टर हफ्ते में एक बार आती है और मामूली खांसी बुखार की दवा देकर चली जाती है। इसी वजह से वो आश्रम से भाग कर अपने ससुराल जाना चाहती थी।

जालंधर के कपूरथला चौक के पास स्थित शापिंग माल के बाहर बैठी लड़कियां।

जो बालिग हो चुकीं, उन्हें रिलीज किया जाए

लड़कियों ने मांग की कि जो लड़कियां बालिग हो चुकी हैं उनको आश्रम से मुक्त करवाया जाए। मौके पर जिला प्रोग्राम अफसर गुरमिंदर सिंह ने आश्वासन दिया कि जो लड़कियां 18 साल के ऊपर हो गई हैं, उनको जल्द से जल्द रिलीज कर दिया जाएगा और आश्रम में आने वाली सारी समस्याओं को दूर किया जाएगा।

 

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