जगदीश कुमार, जालंधर। बढती गर्मी और बरसाती मौसम में पेट्स के शौकीन परेशान होने लगे हैं। पेट डॉगी की सेहत पर गर्मी व बरसाती सीजन का बुरा असर पड़ रहा है। वेटरनरी डाक्टरों के पास पहुच रहे डॉग्स में हाई फीवर के मामले बढ़ रहे हैं। अगर आपका पास भी कोई प्यारा डॉगी है तो सावधान रहें। आपको उसकी सेहत ठीक रखने के लिए कुछ खास बातों का ख्याल रखना होगा। उन्हें अत्यधिक गर्मी और बरसात में भीगने से बचाना होगा। वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. जीएस बेदी ने बताए कुछ खास टिप्स दिए हैं। इन्हें अपनाकर आप अपने डॉगी का पूरा ध्यान रख सकते हैं। आइए डालते हैं एक नजर।

डॉगी के लिए गर्मी और बरसात का सीजन परेशानी भरा

इंग्लिश मैस्टिफ जर्मन शेफर्ड, ग्रेडडेन, पग आदि डॉगी ब्रीड का अतीत ठंडे स्थानों से जुड़ा है। डॉग्स को इंसान की तरह पसीना नहीं आता है। वह मुंह से जीभ बाहर निकालकर गर्मी निकालते हैं। गर्मी में पेट्स का खास ध्यान रखना होगा। उन्हें बरसात में भीगने न दें।

टिक्स के कारण हाई फीवर 

इसमें डॉगी को टिक्स परेशान कर देते हैं। यह सूक्ष्म जीव डॉगी के शरीर पर जख्म कर देते हैं। उन्हें इससे खुजली होती है, जिससे वह चिड़चिड़े हो जाते हैं। टिक्स के कारण डॉगी को हाई फीवर भी हो जाता है। इसमें उसकी नाक से खून आता है। इन दिनों लूज मोशन, दस्त, उलटी के केस बढ़ जाते हैं। जब भी डॉगी का शरीर साधारण से अधिक गर्म दिखे, उसे डाक्टर के पास ले जाएं।

ऐसे करें टिक्स का सामना

डॉगी को रोजाना नहलाना चाहिए। नहलाने के बाद उसे धूप में न छोड़ें बल्कि खुद ड्राई करें। अगर उसे नहलाना नहीं चाहते हैं तो उसके कान में कॉटन डालकर उसके सिर पर पानी डालें। पानी डालने के बाद कॉटन जरूर निकाल दें। कैनल को पूरी तरह से साफ व ठंडा रखें। टिक्स की समस्या आए तो तुरंत डाक्टर से संपर्क करें।

डॉगी की डाईट जरूर बदलें

- इस सीजन में डॉगी की डाईट जरूर बदलें। उन्हें अधिक से अधिक तरल दें। तरल डाइट में कच्ची लस्सी, गूंद कतीरा-दूध, बनैना शेक बगैर बर्फ, ग्लूकोज दें। डॉगी के पास पानी उपलब्ध रखें व पानी समय-समय पर बदलते रहें।

- डॉग की गर्मी में डाईट कम हो जाती है। वह दिन में एक ही बार पूरी तरह पेट भर खाता है। इस लिए एक बार सालिड डाईट जरूरी है।  सालिड डाईट सुबह गर्मी होने से पहले दे-दें।

- दोपहर को तरल डाइट ही दें। फैट वाली डाईट को गर्मी के सीजन में कम प्राथमिकता दें।

 

Edited By: Pankaj Dwivedi