जालंधर, [वंदना वालिया बाली]। यहां के पिंगलाघर (आश्रयगृह) में करीब सात साल से रह रही  22 वर्षीय मानसिक रोगी युवती के गर्भवती होने का मामला सामने आया है। हालांकि छह माह की गर्भवती युवती इसके लिए पिंगलाघर के ही एक कर्मचारी का नाम लेती हे लेकिन करीब एक माह पहले प्रबंधन ने उसका विवाह पिंगलाघर में ही रह रहे अधेड़ उम्र के व्यक्ति से करवा दिया। यह स्वयं भी मानसिक रूप से अस्वस्थ है और आंखों की समस्या का भी शिकार है।

प्रबंधन का कहना है कि बिहार के दरभंगा का निवासर यह अधेड़ यहां पिंगलाघर में रह रहा है और उसके युवती से संबंध थे। इस व्‍यक्ति की बिहार पत्नी व एक बेटा भी है। वह पिछले 10 साल से पिंगला घर में ही रह रहा है।

युवती मानसिक रोगी है इसलिए सही ढंग से कई बातों का जवाब नहीं दे पाती। जागरण ने जब युवती से मिलना चाहा तो उसे छिपा दिया गया। करीब दो घंटे की लुकाछिपी के बाद उसे सामने लाया गया। लड़की ने बताया कि सुबह तक उसके हाथ में सुहाग चूड़ा था, पर अब बदल कर चूडियां पहना दी गई हैं। उसने माना कि शादी एक माह पहले हुई। उससे किसने गलत काम किया...इस सवाल के जवाब में वह किसी अन्य का नाम लेती है। उस शख्स का नहीं जिससे उसकी शादी करवाई गई है।

जालंधर स्थित पिंगलाघर।

पूरे मामले मेंं पड़ताल करने पर पता चला कि गत 8 अगस्त को इस युवती के अलावा एक अन्य का भी विवाह कराया गया था। दूसरी युवती का पति पास ही बाजार में सिलाई का काम करता है और दिव्यांग है। पिंगलाघर के मैनेजर गुरप्रीत सिंह का कहना है कि दूल्हा दिव्यांग होने के कारण इन चारों के विवाह की फोटो नहीं करवाई गई। इस संवाददाता ने जब गर्भवती हुई युवती की फाइल देखनी चाही तो उस पर से भी उसकी फोटो भी हटा दी गई थी।

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पिंगलाघर में चेकअप के लिए आने वाली डाक्टर स्त्री रोग विशेषज्ञ डाॅ. अनु अरोड़ा का कहना है कि युवती की दिमागी समस्या की दवाइयां चलती थीं, जिस कारण माहवारी अनियमित हो जाती है। तीन माह उसे पीरियड नहीं आए तो स्कैन के लिए कहा था। उसके बाद मैं एक माह की छुट्टी पर चली गई। आकर पता चला कि वह गर्भवती है।

एक अन्य शख्स,  जिसे यहां डाक्टर कहकर सब बुलाते हैैं और जो सभी का चेकअप इत्यादि करता है उसके पास कोई डिग्री नहीं है। वह कहता है कि कई साल से यहां आता हूं तो अन्य विजिटिंग डाक्टरों के साथ काम कर के काफी कुछ सीख गया हूं। वह इस युवती के बारे में कुछ भी कहने से बचते रहे।

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दोषी को तुरंत निकाल दिया जाएगा

'' 65 साल से चले आ रहे इस संस्थान में महिलाओं के वार्ड में केवल महिला नर्स या सेवादार ही जाती हैं। पूरे परिसर में करीब 32-35 कैमरे भी लगाए गए हैं। इन पर मैनेजमेंट की नजर रहती है। लेकिन हम कानून के अनुसार किसी को जंजीरों में जकड़ कर या ताला लगा कर नहीं रख सकते। जैसा कि मुझे बताया गया है, उक्त लड़की के गर्भवती होने का जब पता चला तो उसकी शादी उसी व्यक्ति से कर दी गई जिससे उसके संबंध थे। जब उन्हें बताया गया कि पीडि़त लड़की ने तो किसी अन्य व्यक्ति का नाम लिया है। उनका कहना था कि यदि ऐसा है तो दोषी व्यक्ति को तुरंत निकाल दिया जाएगा।

                                                                                       - आत्मजीत सिंह बावा, सचिव, पिंगलाघर।

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मामले की जानकारी नहीं

'' मेरी जानकारी में यह मामला नहीं था। इसलिए अभी मैं कुछ नहीं कह सकता लेकिन जो भी दोषी पाया गया उसको बख्शा नहीं जाएगा।

                                                                                                  - वरिंदर कुमार शर्मा, डीसी, जालंधर।

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सुलगते सवाल

  • यदि युवती छह माह की गर्भवती है तो एक माह पहले ही क्यों करवाई गई शादी?
  • शादीशुदा व मानसिक रोगी से क्यों किया गया ब्याह?
  • कड़ी निगरानी के बावजूद पिंगलाघर में रह रहे मानसिक रोगियों में कैसे बन रहे हैं शारीरिक संबंध?
  • युवती कर्मचारी का नाम ले रही तो पहले क्यों नहीं हुई जांच?

 

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Posted By: Sunil Kumar Jha