जागरण संवाददाता, जालंधर : सिविल अस्पताल के जच्चा-बच्चा सेंटर में स्टाफ को प्रसूता के परिजनों से 'बधाई' मांगने को लेकर सख्त चेतावनी जारी की गई है। मेडिकल सुप¨रटेंडेंट डॉ. जसमीत कौर बावा ने वार्ड के स्टाफ से यह सिलसिला तत्काल बंद करने के लिए कहा है।

सिविल अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लेने के लिए शनिवार को मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. जसमीत कौर बावा ने दौरा किया। उन्होंने टीम के साथ पहले जच्चा-बच्चा सेंटर में तैनात डॉक्टर, स्टाफ व दर्जा चार कर्मियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने कार्यप्रणाली में सुधार करने की हिदायत दी। इसके अलावा बधाइया लेने के मामले को भी उठाया गया। उन्होंने कहा कि जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत सर्वे में भी शहर में मरीज के परिजनों से 'बधाइया' लेने का मामले सामने आया है। उन्होंने स्टाफ को पारदर्शिता लाने और 'बधाइयां' का सिलसिला खत्म करने की बात कही। इसके बाद उन्होंने अस्पताल के अन्य वार्डो, ओपीडी और लैब का दौरा किया।

अब पास से होगी मरीज और परिजनों की वार्ड में एंट्री

डॉ. बावा ने बताया कि वार्डो में मारपीट व चोरी के बढ़ते मामलों को देखते हुए रात को एक ही रास्ता खोलने की योजना है। अस्पताल में मरीज के दाखिल होते ही उसे दो पास दिए जाएंगे जिसे दिखाकर उसकी वार्ड में एंट्री होगी। वहीं अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में नवजात को उसे सौंपा जाएगा, जिसे परिवार के सदस्य अधिकार देंगे। बच्चे लेने से पहले उसके हस्ताक्षर मैच किए जाएंगे। बच्चा वार्ड में परिजनों की मनमानी पर पूरी तरह से बंद होगी। केवल पहचान पत्र दिखाने पर ही प्रवेश होगा। इस मौके पर उनके साथ डॉ. चरणजीव सिंह के अलावा स्टाफ के अन्य सदस्य मौजूद थे।

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