जागरण संवाददाता, जालंधर : पिछले 15 दिनों से कूड़े का वजन करवाने और उसकी मॉनिटरिंग में लगे मेयर जगदीश राजा की कार्यप्रणाली पर भाजपा पार्षदों ने सवाल उठाए हैं। भाजपा पार्षद वरेश मिटू, पार्षद पति रूतेश निहंग और प्रभदयाल ने कहा कि मेयर विकास कार्याें पर फोकस करें। अगर मेयर रोजाना आठ घंटे शहर के विकास के लिए काम करते तो शहर के आज ऐसे हालात नहीं होते।

वरेश मिटू ने कहा कि मेयर भाजपा सरकार के समय निगम के काम पर उंगली उठाते रहे थे, लेकिन खुद को जिम्मेदारी मिली तो शहर नहीं संभाल पा रहे। मेयर कूड़े का वजन करवाकर पता नहीं कौन सा घोटाला पकड़ना चाहते हैं। अब तक जो गड़बड़ियां सामने आई हैं, उन पर तो कोई एक्शन नहीं लिया। निगम की इतनी ही चिंता है बिना मंजूरी विकसित हुई कॉलोनियों पर एक्शन लें, जिससे करोड़ों का रेवेन्यू भी मिले। लॉकडाउन में अवैध निर्माण जारी है, वहां ध्यान करने की बजाय वे कूड़े को मुद्दा बनाए बैठे हैं। बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट्स व टूटी सड़कों पर ध्यान देने की जरूरत है।

बुधवार को डंप पर पहुंचा सिर्फ 350 टन कूड़ा

उधर, कूड़ा ढोने वाली गाड़ियों की मॉनिटरिग जारी है। बुधवार को सिर्फ 350 टन कूड़ा शहर से डंप पर पहुंचा। मेयर यही जांच कर रहे हैं कि शहर में रोजाना कितना कूड़ा निकल रहा है। निगम की गाड़ियों ने 95 चक्कर में 306 टन कूड़ा उठाया, जबकि ठेकेदार ने 4 चक्कर में 44 टन कूड़ा उठाया। शहर में इतना ही कूड़ा था इसलिए ठेकेदार को कूड़ा उठाने के लिए नहीं मिला। पार्षद जगदीश समराए ने कहा कि शहर में रोजाना 350 टन कूड़ा ही निकलता है। लॉकडाउन खत्म होने पर 450 टन कूड़ा निकलेगा। ऐसे में कम चक्कर में ज्यादा कूड़ा उठाने पर फोकस होगा ताकि निगम का खर्च कम हो।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!