जागरण संवाददाता, जालंधर। द इंस्टीट्यूट आफ इंडियन फांउड्रीमेन चंडीगढ़ चैप्टर की बैठक चेयरमैन बलराम कपूर की अध्यक्षता में चंडीगढ़ के स्थानीय होटल में हुई। चेयरमैन बलराम कपूर व महासचिव संजीव जुनेजा ने कहा कि फाउंड्री को पेश आने वाली समस्याओं को सरकार के समक्ष पेश करके हल करवाया जाएगा।

इस मौके पर इस दौरान चंडीगढ़ चैप्टर में मनीष क्वात्रा, अक्षित कपूर, पलविंदर सिंह, नितिन कपूर को सदस्य चुना गया। सदस्य मनीष क्वात्रा व नितिन कपूर ने कहा कि चैप्टर ने जिम्मेवारी सौंपी है वह ईमानदारी व निष्ठा से निभाएंगे और फाउंड्री इंडस्ट्री को प्रमोट करेंगे।

चेयरमैन बलराम कपूर ने कहा कि वर्ष 2027 में होने वाला कास्टिंग एग्जीबिशन पंजाब में करवाने की पूरी कोशिश की जाएगी ताकि देश भर के उद्योग इसमें शामिल हो सकें। इसके लिए सभी उद्योगों को एक मंच पर लाया जाएगा।

एग्जीबिशन से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ की फाउंड्री इंडस्ट्री को फायदा होगा। फरवरी 2023 में ग्रेट नोएडा में 71वां आईएफईएक्स 2023 होने जा रहा है। इसका उद्देश्य फाउंड्री इंडस्ट्री को प्रमोट करना है। उन्होंने कहा कि अगर पहले से कोई इंडस्ट्री से जुड़ा है तो उसको नवीनतम तकनीक की जानकारी मुहैया करवाई जाएगी।

आइआइएफ समय-समय पर बायर सेलर मीट करवाता रहा है ताकि आधुनिक तकनीक से तैयार होने वाले उत्पाद की जानकारी मिल सके। फाउंड्री इंडस्ट्री को प्रमोट करना समय की जरुरत है। 

संजीव जुनेजा ने कहा कि पन्द्रह वर्ष पहले की बात करें तो पंजाब में एक हजार लघु व सूक्ष्म इंडस्ट्री थी। अब 600 के करीब रह गई है। कोरोना काल में फाउंड्री इंडस्ट्री में कारोबार चौपट हो गया था। धीरे-धीरे पटरी पर आना शुरु हो चुका है। सरकारी नीतियों के कारण फाउंड्री इंडस्ट्री प्रमोट नहीं हो सकी। न ही किसी प्रकार का लाभ मिल सका। उन्होंने कहा कि अब फाउंड्री इंडस्ट्री को पेश आने वाली समस्याओं को सरकार के समक्ष रखेंगे ताकि इंडस्ट्री का कारोबार सौ प्रतिशत आ सकें।

Edited By: Pankaj Dwivedi