संवाद सहयोगी, जालंधर : शनिवार को जिलेभर में लगी राष्ट्रीय लोक अदालत में पिछले सात सालों से चल रहे चेक बाउंस के तीन व घरेलू विवाद की 53 शिकायतों सहित 14160 मामलों का निपटारा किया गया। इसमें दोनों पक्षों से राजीनामा करवा कर 43 करोड़ से ज्यादा का हर्जाना संबंधित पार्टियों को दिलवाया गया।

जिला व सेशन जज कम चेयरमैन जिला कानूनी सेवा अथारिटी जालंधर रुपिदरजीत चहल ने बताया कि जालंधर में 25, नकोदर में तीन और फिल्लौर में दो बेंच स्थापित किए थे। इसमें कुल 27,797 केस सुनवाई के लिए रखे गए थे। इनमें से 14160 मामलों का निपटारा मौके पर ही करवाया गया और कुल 43 करोड़ 71 लाख 35 हजार 596 रुपये मुआवजा संबंधित पार्टियों को दिलवाया गया।

जालंधर में लगाए गए 15 बेंच का निरीक्षण जिला और सेशन जज रुपिन्दरजीत चहल की तरफ से किया गया। उनके साथ सीजेएम कम सचिव जिला कानूनी सेवा अथारिटी जालंधर डा. गगनदीप कौर और सीजेएम अमित कुमार गर्ग भी मौजूद थे। जिला व सेशन जज ने बताया कि लोक अदालतों का उद्देश्य लोगों को जल्द और सस्ता न्याय दिलाना है। लोक अदालत का फैसला अंतिम होता है और इसके खिलाफ कहीं भी अपील नहीं की जा सकती। उन्होंने बताया कि अगली राष्ट्रीय लोक अदालत 12 नवंबर को जालंधर, नकोदर और फिल्लौर में लगाई जाएगी।

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