जालंधर, जेएनएन। जालंधर में कोरोना के मंगलवार को कुल 12 नए मामले सामने आए हैं। दो मामले देर रात रिपोर्ट किए गए। इन संक्रमितों में एक एनआरआई है जो हाल ही में कुवैत से लौटा है जबकि दूसरी भार्गव कैंप की रहने वाली एक गर्भवती महिला है। इसी के साथ जिले में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या अब 265 हो गई है। इन नए मामलों में छह पुरुष और चार महिलाएं शामिल हैं। सात लोग इसमें एक ही परिवार के सदस्य हैं। तीन लोग कर्मचारी हैं।

सोमवार को  सिविल अस्पताल के दर्जा चार कर्मी व दुबई से आए तीन एनआरआइ सहित चार लोगों को कोरोना होने की पुष्टि हुई थी। सिविल अस्पताल में सफाई कर्मी को कोरोना होने के बाद स्टाफ में दहशत का माहौल है।वहीं एक मरीज को सिविल अस्पताल से छुट्टी देकर घर में आइसोलेट करने के लिए भेजा गया था। 

सोमवार को सिविल अस्पताल की जो 40 साल की मुलाजिम पॉजिटिव पाई गई है, वह मॉडल नशा छुड़ाओ केंद्र में बनाए गए कोरोना आइसोलेशन सेंटर में ड्यूटी कर रही थी। अस्पताल प्रशासन ने उसे आइसोलेट कर ईलाज शुरू कर दिया है। वहीं, सिविल अस्पताल के स्टाफ के आधा दर्जन सदस्य कोरोना की चपेट में आने के बाद मुलाजिमों में दहशत का माहौल है। मुलाजिमों ने अस्पताल प्रशासन के समक्ष उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने की गुहार लगाई है। उधर, महितपुर में बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर में दुबई से आए तीन युवकों को कोरोना की पुष्टि हुई है। इनमें दो 30-30 साल के तथा एक 25 साल के युवक शामिल हैं। ये युवक डरोली कलां, कोहाड़ा और रायपुर सराला के रहने वाले हैं। इन्हें सिविल अस्पताल में शिफ्ट करवा दिया गया है।
वहीं, रविवार को बीएसएफ का जवान कोरोना पॉजिटिव आने के बाद बीएसएफ कैंपस में उनके संपर्क में आने वाले 20 लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए। हालांकि सिविल अस्पताल के फ्लू कॉर्नर जहां पर सैंपल लिए जा रहे हैं, वहां शरीरिक दूरी बनाकर रखने के नियम की जम कर धज्जियां उड़ रही हैं।

सेहत विभाग के नोडल अफसर डॉ. टीपी सिंह ने चार मरीज पॉजिटिव मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि सोमवार को 280 लोगों के सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। 255 लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए।
 

एंटी लारवा स्टाफ ने काम के बोझ से निजात दिलाने की लगाई गुहार

जालंधर: कोरोना के खिलाफ जारी जंग में सेहत विभाग की एंटी लारवा स्टाफ के करीब 17 सदस्यों पर कामकाज का बोझ लगातार बढऩे से उनका सब्र का बांध टूटने लगा है। मुलाजिमों का कहना है कि पहले उन्हें विदेशों से आएं एनआरआइज को ढूंढ कर उनकी स्क्रीनिंग करने और उसके बाद कोरोना के मरीज पॉजिटिव आने से उनके संपर्क में आने वाले लोगों को ढूंढने की ड्यूटी लगी थी। अब कोरोना के पाजिटिव मरीजों को एंबुलेंस में उनके घर लेकर आना पड़ रहा है।  इसके अलावा सिविल अस्पताल में फ्लू कॉर्नर में भी उनकी तैनाती के आदेश देने के बाद मुलाजिमों में खासा रोष है। इस संबंध में सोमवार को मुलाजिमों ने सिविल सर्जन डा. गुरिंदर कौर चावला के साथ बैठक कर समस्या का समाधान करने की गुहार लगाई। उन्होंने चेतावनी दी अगर मुलाजिमों के साथ धक्केशाही की गई तो संघर्ष की राह पर उतरेंगे। सिविल सर्जन डॉ. गुरिंदर कौर चावला ने उन्हें समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया।
 

गर्मी में बिजली फाल्ट ने छुड़ाए मुलाजिमों व अधिकारियों के पसीने

जालंधर: सिविल अस्पताल और सिविल सर्जन ऑफिस में बिजली की खराबी के चलते बिजली गुल रही। बिजली गुल रहने से अधिकारियों व मुलाजिमों के पसीने छूटे और कामकाज भी ठप रहा। तकनीकी खराबी के चलते आधे से कम इलाके में बिजली की सेवाएं चल रही थी और शेष बंद पड़ा था।
 

अस्पताल से मरीज गायब होने से मचा हड़कंप

जालंधर: सिविल अस्पताल में दाखिल मरीजों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही के मामले थम नहीं रहे है। सोमवार को भी अस्पताल से परागपुर से आया 35 साल संदिग्ध मरीज गायब होने के बाद हड़कंप मच गया। इससे पहले तीन बार कोरोना के संदिग्ध मरीज अस्पताल से गायब हो चुके हैं। सोमवार दोपहर के वार्ड से मरीज गायब होने के बाद स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। सिविल अस्पताल के एमएस डा. हङ्क्षरदर पाल ङ्क्षसह का कहना है कि पॉजिटिव मरीजों की पूरी सुरक्षा व्यवस्था में है। संदिग्ध निगेटिव था और उसे छुट्टी कर दी थी।

Posted By: Pankaj Dwivedi

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