अमृतसर [नवीन राजपूत]। पाकिस्तान से हेरोइन व हथियारों की तस्करी के साथ भारतीय सैन्य ठिकानों की जासूसी करने वाला ड्रोन सेना के नायक राहुल चौहान ने दिल्ली की एक कंपनी से 5.35 लाख रुपये में खरीदा था। यह ड्रोन पांच किलो भार उठाने में सक्षम है। इससे अधिक भार होने पर यह आधा किलोमीटर सफर तय करने के बाद क्रैश हो सकता है। हालांकि इस मामले में अमृतसर देहाती के सभी अधिकारी कुछ बताने से इन्कार कर रहे हैं।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सेना के जवान और फताहपुर जेल से लाए गए तस्कर बलकार सिंह ने पुलिस हिरासत में कई खुलासे किए हैं। इससे सुरक्षा एजेंसियां सकते में हैं। दोनों आरोपितों की ओर से पूछताछ में खोले गए राज को पुख्ता करने के लिए पुलिस ने ड्रोन का साफ्टवेयर देहरादून की एक लैब में भेजा है। इसकी रिपोर्ट एक माह बाद जाएगी, जिससे पता चलेगा कि चाइनीज ड्रोन कितने किलोमीटर उड़ान भर चुका है और यह भारत-पाक के बीच कितनी बार खेप लेकर पहुंचा। पुलिस ने सैनिक राहुल चौहान की पिछले छह महीने की मोबाइल कॉल लोकेशन भी निकलवाई है और यह भी पता करवाया जा रहा है कि वह कितनी बार अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गया है।

पकड़े गए रिषभ और सर्वोदय करते थे इंपोर्टर के पास नौकरी

जांच में सामने आया है कि जम्मू निवासी सवरेदय राकेश बाहरी और गाजियाबाद निवासी रिषभ चाइनीज ड्रोन इंपोर्ट करने वाले कारोबारी के पास नौकरी करते थे। रिषभ वहां मैकेनिक था और सर्वोदय बतौर मैनेजर काम कर रहा था। कुछ समय पहले दोनों ने वहां से नौकरी छोड़ दी और शादियों में ड्रोन आपरेट का काम करने लगे। इस बीच उनकी मुलाकात राहुल चौहान से हुई।

राहुल को उन्होंने इंपोर्टर से ड्रोन खरीदकर 5.35 लाख रुपये में बेचा था। वहीं शुक्रवार देर शाम सर्वोदय को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। बता दें अमृतसर देहाती पुलिस को सूचना मिली थी कि भारत-पाक सीमा से सटे गांव धनोए खुर्द का धर्मेद्र पाकिस्तानी तस्करों के संपर्क में है। इसके बाद ड्रोन से तस्करी का पता चला था।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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