जागरण संवाददाता, जालंधर जेडीए की ओर से लगातार दूसरे दिन लगाए गए जन शिकायत कैप में अनाधिकृत कॉलोनियां बसाने वाले चार कॉलोनाइजरों को जेडीए के एडीशनल चीफ एडमिनिस्ट्रेटर कम एस्टेट अफसर डॉ. जैइंदर ¨सह ने साफ कर दिया कि अनाधिकृत कॉलोनियों को रेगूलर करने के लिए सरकार नीति बना रही है, तब तक कुछ नही हो सकता है। अवैध कॉलोनियों में रजिस्टि्रयो पर पाबंदी लग जाने के बाद इन्हें बसाने वालों में हड़कंप मचा है। डॉ. ¨सह ने बताया कि कैप में दूसरे दिन कुल 7 शिकायतें मिली थी, जिनमें से 1 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। 4 मामले अनाधिकृत कॉलोनियों से संबंधित थे, उनके मामले में सरकार की नीति आने के बाद ही निस्तारण हो सकता है। जिस शिकायत का निस्तारण किया गया था वह एक ठेकेदार के भुगतान को लेकर थी। दिल्ली के ठेकेदार ने जेडीए के लिए काम किया था, लेकिन कई सालों से पेमेंट के नाम पर अधिकारी उसे लटका रहे थे। मौके पर ही पूरे मामले की जांच पड़ताल कराने के बाद भुगतान के आदेश जारी कर दिए गए। गौरतलब है कि राजनीतिक शह पाकर अवैध कॉलोनियां खड़ी कर सरकारी खजाने को कई सालों से चूना लगाने वाले कॉलोनाइजर अब सरकार की सख्ती के बाद संकट में है। वे अब कॉलोनियों को रेगूलर करने के लिए जालंधर डेवलपमेंट अथॉरिटी के दरवाजे खटखटाने लगे हैं। जेडीए के एडीशनल चीफ एडमिनिस्ट्रेटर कम एस्टेट अफसर डॉ. जैइंदर ¨सह ने साफ कर दिया है कि अनाधिकृत कॉलोनी बसाने वालों को किसी भी स्तर पर कोई रियासत नही मिलेगी, उन्हें अथॉरिटी की शर्तों को पूरा करना ही होगा।

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