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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 20, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जालंधर में फर्जी जमानतें भरने वाला गिरोह फिर होने लगा सक्रिय, ट्रैप लगा गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी पुलिस

By Vikas_KumarEdited By:
Published: Sat, 20 Feb 2021 12:11 PM (IST)

जालंधर में फर्जी जमानतें भरने वाले गिरोह के सदस्य सरगर्म हो गए हैं। अदालत परिसर के बाहर ऐसे लोग खड़े ...और पढ़ें

पुलिस फर्जी जमानतें भरने वाले गिरोह से जुड़े और लोगों की गिरफ्तारी दिखा सकती है।
पुलिस फर्जी जमानतें भरने वाले गिरोह से जुड़े और लोगों की गिरफ्तारी दिखा सकती है।

जालंधर, जेएनएन। फर्जी दस्तावेजों के जरिए जाली जमानतें भरने वाले गिरोह के सदस्यों की गत दिनों गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने कई अहम खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया था कि गिरोह के सदस्यों को को फर्जी मोहर, दस्तावेज बना कर देने वालों में कुछ सरकारी लोग भी शामिल हैं। पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ था कि गिरफ्तार आरोपितों को फर्जी दस्तावेज तथा मोहरें इत्यादि बना कर देने वाले कई ऐसे लोग हैं, जो या तो खुद सरकारी दफ्तरों में लगे हुए हैं या फिर सरकारी अफसरों के रिश्तेदार हैं। ऐसे में पुलिस ने अब ट्रैप लगा कर उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास शुरु कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि जल्द ही पुलिस इस मामले में जुड़े और लोगों की गिरफ्तारी दिखा सकती है।

जानकारी के मुताबिक जिस गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया था, उसने कुछ साथी अब फिर से जाली जमानतें भरने के लिए सरगर्म हो गए हैं। अदालत परिसर के बाहर ऐसे लोग खड़े रहते हैं जो पैसों के बदले जाली दस्तावेजों पर जमानतें भर देते हैं। पुलिस की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपितों का एक बहुत बड़ा गिरोह है, जो इस काम को अंजाम देता है। गिरोह के सदस्य जमानत के बदले में मिलने वाली राशि केस के हिसाब से यह करते थे। हत्या के मामले में, हत्या के प्रयास के मामले में ज्यादा पैसे होते थे और बाकी केसों के भी अलग अलग रेट तय थे। अब पुलिस उन लोगों को भी ट्रैप लगा कर गिरफ्तार करने के लिए प्रयास कर रही है।

बीतें दिनों थाना बारादरी की पुलिस ने जाली जमानतें भरने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया था। आरोपितों की पहचान आबादी रसूलपुर कलर, जोड़ा फाटक, अमृतसर निवासी राजपाल सिंह, कमलजीत सिंह और गांव नंगल सलेमपुर निवासी कुलदीप सिंह के रूप में हुई थी। तीनों आरोपितों के पास से पुलिस ने एक जाली शिनाख्ती कार्ड नंबरदारी, जिस पर तहसीलदार जालंधर एक की मोहर लगी हुई थी, दो जाली आधार कार्ड, जिस पर राजपाल सिंह और कमलजीत सिंह की फोटो लगी हुई थी और एक जाली नंबरदार मोहर बरामद की थी। थाना बारादरी के प्रभारी कमलजीत सिंह ने बताया कि उनके पास गुप्त सूचना आई थी कि कचहरी चौक पर तीन व्यक्ति खड़े हैं जो फर्जी दस्तावेजों के जरिए जाली जमानतें भरते हैं। बड़े बड़े मामलों में बंद आरोपितों की जमानतें भर कर उन्हें बाहर लाने में मदद करते हैं, जिसके बाद आरोपित फरार हो जाते हैं। सूचना के आधार पर छापेमारी कर उनको गिरफ्तार कर लिया गया।

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