जालंधर, जेएनएन। कोरोना से बचाव के लिए लोगों में रुझान बढ़ रहा है लेकिन सरकार की वैक्सीनेशन मुहिम ठंडी पड़ गई। वीरवार की तरह शुक्रवार को भी 90 फीसद वैक्सीनेशन सेंटरों पर ताले लटके मिले। हालांकि लोगों की मांग देख सिविल अस्पताल के सेंटर को चला दिया गया। सेंटर चलाने के लिए वैक्सीन देहात के सेंटरों से मंगवाई गई। देहात के सेंटरों में किसी के पास दस डोज तो किसी के पास बीस या तीस डोज पेंडिंग थी। सभी डोज को सुबह सिविल अस्पताल मंगवाया गया और 11 बजे सेंटर शुरू कर लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई गई।

शुक्रवार को जिले में 216 में से मात्र 19 सेंटरों ही चले। इनमें 979 लोगों को टीका लगाया गया। नौ सेंटर 45+ के लोगों के लिए थे जबकि दस सेंटर श्रमिकों के लिए बनाए गए। नौ सेंटरों में मात्र 469 लोगों को टीका लगा जबकि बाकी सेंटरों में 510 श्रमिकों को पहली डोज लगाई गई।  हेल्थ सेंटरों से वैक्सीन एकत्रित कर शुक्रवार को जैसे-तैसे काम चला लिया गया लेकिन  सबसे अधिक वैक्सीन जालंधर के सिविल अस्पताल में ही 220 लोगों को लगी। इसके अलावा सरकारी स्वास्थ्य केंद्र गढ़ा, रेडक्रास भवन व पीएपी में भी वैक्सीन लगाई गई। शहर के ज्यादातर सेंटर बंद रहे और लोगों को निराशा हाथ लगी। शनिवार को 45+ की उम्र वाले लोगों के लिए ये सेंटर चलेंगे या नहीं, इसके बारे में सेहत विभाग को भी जानकारी नहीं क्योंकि देर रात तक केंद्र सरकार से आने वाली वैक्सीन की खेप नहीं पहुंची। एक दो दिन में वैक्सीन नहीं पहुंची तो 45+ को टीका नहीं लगेगा।

श्रमिकों व 18+ उम्र के गंभीर बीमारियों के लोगों के लिए दिक्कत नहीं

राज्य सरकार शनिवार से 18-44 साल आयु वर्ग के गंभीर बीमारियों से पीडि़त लोगों व व हेल्थ केयर वर्करों के परिजनों को टीका लगाने की मुहिम शुरू करेगी। इस आयु वर्ग के लिए 8600 कोविशिल्ड की डोज शुक्रवार देर रात को भेज दी गई। श्रमिकों के लिए पहले से 3840 डोज पेंडिंग हैं।

दो दिन से चक्कर लगा रहा हूं...कहां जाऊं

सीएचसी दादा कालोनी में पहुंचे दिव्यांग जतिंदर पाल सिंह ने बताया कि वह दो दिन चक्कर लगा रहे हैं लेकिन टीका नहीं लग पा रहा। वैक्सीन कब आएगी और कब वे लगवा पाएंगे किसी के पास कोई जवाब नहीं। नंबरों पर फोन करो तो उठाते नहीं और सेंटर में जाओ तो ताला लगा मिलता है।

कोविशील्ड की महज दस डोज बची

जिला टीकाकरण अधिकारी डा. राकेश चोपड़ा ने बताया कि 45 साल से अधिक आयु वर्ग के लिए वैक्सीन नहीं मिलने की वजह से ज्यादातर सेंटर बंद रहेंगे। विभाग के फिलहाल केंद्र कोटे की 2600 डोज कोवैक्सीन व 10 डोज कोविशील्ड पड़ी है। कोवैक्सीन के लिए दूसरी डोज वालों को प्राथमिकता दी जा रही है।