संवाद सूत्र, भोगपुर : लंपी स्किन बीमारी ने ब्लाक भोगपुर में भी पशुओं को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। लंपी बीमारी से भोगपुर के अलग-अलग गांवों में चार गायों की मौत की खबर है। इसके अलावा भारी संख्या में स्थानीय पशु पालक अपने खर्चे व निजी डाक्टरों से अपने पशुओं का इलाज करवाने में जुटे हुए है।

क्या कहना है पशु माहिरों का: पशु माहिरों का कहना है कि यदि सही दवा व खुराक मिले तो इस बीमारी से पीड़ित पशु आम तौर पर दो से तीन सप्ताहों में ठीक हो जाते हैं। वेटनरी माहिरों के मुताबिक इस बीमारी से प्रभावित पशुओं को तंदुरुस्त पशुओं से तुरंत अलग कर देना चाहिए क्योंकि यह बीमारी एक पशु से दूसरे पशु के संपर्क में आने से फैलती है।

वेटनरी डाक्टर सेहतमंद गायों को नहीं लगा रहे वेक्सीन: दैनिक जागरण टीम जब गांव चक्क झंडू, लांहदड़ा, भोगपुर, संधम, इट्टांबद्धी, काला बकरा समेत अलग-अलग गांवों के पशु पालकों गुरमीत सिंह काहलों, सतिदरपाल सिंह भोगपुर, तीर्थ सिंह ढिल्लों, हरप्रीत सिंह सिद्धू, दविदर सिंह काला बकरा, दलजीत सिंह गिल से मिली तो उन्होंने बताया कि वे अपना घर का गुजारा चलाने के लिए दूध बेचते हैं। लंपी स्किन बीमारी के आने से उनका भविष्य खतरे में पड़ गया है। वेक्सीन होने के बावजूद वेटनरी डाक्टरों सेहतमंद गायों को वेक्सीन नहीं लगा रहे हैं। जिससे पशु पालकों में भारी रोष है।

वहीं जब, इस संबंध में जब वेटनरी अस्पताल भोगपुर, लांहदड़ा, नंगल फीदां व कंधाला गुरु के वेटनरी डाक्टरों गुरपाल सिंह, संजीव व जैदीप सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा सेहतमंद गायों को लंपी स्किन बीमारी से बचाने के लिए वेक्सीन भेजी है, वेक्सीन की एक बाउल में कम से कम 30 गायों के एक घंटे अंदर टीकाककरण किया जाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण करवाने के लिए हरेक गांव के पशु पालकों को एकजुट होकर 30 पशुओं की लिस्ट वेटनरी अस्पताल में उपलब्ध करवाने पर वेक्सीन लगाई जाएगी। जबकि वेक्सीन लगाने के लिए गांव स्तर पर कोई एनाउंसमेंट नहीं करवा जा रही।

Edited By: Jagran

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