जागरण संवाददाता, जालंधर : प्रदेश की नई तैयार की जा रही एक्साइज पालिसी में शराब ठेकों की बिक्री लाटरी के बजाय ई-टेंडरिग से की जाएगी। एक्साइज विभाग की तरफ से प्रत्येक शराब ग्रुप की न्यूनतम राशि (अर्नेस्ट मनी) तय कर दी जाएगी, जिसके ऊपर शराब ठेकेदार आनलाइन अपना रेट भरेंगे। खास यह भी है कि शराब ठेकेदारों को पंजाब के प्रत्येक हिस्से में होने वाली ई-टेंडरिग में हिस्सा लेने में सक्षम बनाने के लिए जोन स्तर पर टेंडरिग करवाई जाएगी। एक्साइज के पटियाला जोन, जालंधर जोन एवं फिरोजपुर जोन के लिए अलग-अलग तारीखों पर टेंडरिग होगी। वजह यह है कि अगर एक शराब ठेकेदार एक जोन में काम लेने में कामयाब नहीं हो पाता है तो फिर वह दूसरे जोन में टेंडरिग करने के लिए सक्षम होगा।

शराब ठेकों की बिक्री के लिए एक्साइज विभाग की तरफ से अपनाई जा रही टेंडरिग प्रक्रिया के लिए विशेष तौर पर नेशनल इनफार्मेटिक्स सेंटर (एनआइसी) की तरफ से जरूरत के मुताबिक एक साफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। इसमें ई टेंडरिग के लिए चरणबद्ध तरीके से हिस्सा लिया जा सकेगा। इस प्रक्रिया में शराब ग्रुप सेलेक्ट करने से लेकर आनलाइन फीस जमा कराने तक पूरी जानकारी दी जाएगी। इससे पहले ई टेंडरिग प्रक्रिया के बारे में भी विस्तृत जानकारी आनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि ई-टेंडरिग प्रक्रिया में भाग लेने के लिए शराब ठेकेदारों को भी कुछ बदलाव करने होंगे।

एक्साइज विभाग की तरफ से शराब पालिसी बनाने को लेकर तीव्र गति से प्रक्रिया जारी है और संभवत: 20 जून को होने वाली कैबिनेट बैठक के दौरान एक्साइज पालिसी को लागू करने के लिए पास भी कर दिया जाएगा।

मौजूदा समय में वर्ष 2021-22 के शराब ठेकों को 30 जून 2022 तक बढ़ाया गया है। इस वजह से संभवत: मौजूदा वित्तीय वर्ष के बाकी बचे नौ महीनों के लिए ही ई-टेंडरिग होगी। नई बनाई जा रही एक्साइज पॉलिसी में 31 मार्च 2023 के बाद एक वर्ष के लिए कुछ बढ़ोतरी के साथ शराब ठेके रिन्यू करने का प्रावधान रखा गया है। हालांकि इसकी आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं है। एक्साइज पालिसी को लेकर लग रही अटकलें, ठेकेदार परेशान

अभी तक प्रदेश सरकार की तरफ से एक्साइज पालिसी को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है। एक्साइज विभाग की तरफ से पालिसी तैयार की जा रही है, जिसमें अधिक राजस्व कमाने, शराब को सस्ती करने एवं कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रावधान किए जाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि प्रदेश की संभावित एक्साइज पालिसी को लेकर शराब ठेकेदारों में भारी असमंजस की स्थिति पाई जा रही है। एक्साइज पालिसी को लेकर कुछ ऐसी बातें सामने आ रही हैं, जिन्हें लेकर शराब ठेकेदार असंतुष्ट पाए जा रहे हैं। अपना नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर कुछ शराब ठेकेदारों ने कहा कि ई टेंडरिग, अंग्रेजी शराब का खुला कोटा और एल-1 लाइसेंस देने को लेकर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया से कोई लाभ नहीं होगा। हालांकि विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि नई पालिसी बीते वर्षों से अलग होगी जिससे तमाम वर्ग लाभान्वित होंगे और अवैध शराब के कारोबार पर रोक लग सकेगी।

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