जालंधर, [सुक्रांत]। जल्द पैसा कमाना हर कोई चाहता है लेकिन इसके लिए जालंधर के युवा अपराध के रास्ते पर चलने लगे हैं। बीते दो साल में जालंधर में दर्ज हुए लूट के मामलों में सैकड़ों युवा शामिल हैं, जिनके खिलाफ अलग-अलग थानों की पुलिस ने मामला दर्ज किया है। ईजी मनी के लालच में फंसे युवा लूटपाट जैसे अपराध को कमाई का जरिया बना रहे हैं। तड़क-भड़क वाली जिंदगी को देख युवा मेहनत का रास्ता छोड़कर गलत रास्ते पर निकल पड़े हैं।

आंकड़ों के मुताबिक बीते दो साल में करीब 620 ऐसे लोगों के खिलाफ लूट के मामले दर्ज हुए हैं, जिनकी उम्र 18 से 25 वर्ष की है। यह आंकड़े हर किसी को डराने वाले हैं, खास तौर पर उन लोगों को, जो कर्ज लेकर भी उच्च शिक्षा दिलवाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनके बच्चे दूसरों के महंगे शौक देखकर उनको पूरा करने के लिए अपराध के रास्ते अपना लेते हैं। हैरानीजनक बात तो यह है कि तस्करी में भी कई युवाओं के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है, लेकिन जितनी बड़ी संख्या में लूटपाट के मामलों में युवा शामिल रहे हैं उससे पुलिस भी सकते में है। 

गर्लफ्रेंड को खुश करने के लिए लूटपाट और तस्करी 

महंगे शौक, लग्जरी लाइफ या गर्लफ्रेंड को खुश करने के लिए युवा लूटपाट करने लगते हैं। करीब एक साल पहले पुलिस ने ऐसे लुटेरा गिरोह को बेनकाब किया था जिनमें शामिल सभी 25 साल से कम उम्र के युवा थे। उनमें से एक इसलिए लूटपाट कर रहा था कि उसकी शादी तय हो गई थी और वह होने वाली पत्नी को किसी अच्छी जगह पर घुमाना चाहता था। वहीं एक आरोपित अपनी गर्लफ्रेंड को गिफ्ट देने के लिए लुटेरा बन बैठा था। करीब एक साल पहले थाना रामामंडी की पुलिस ने एक ऐसे लुटेरा गिरोह को पकड़ा था जिसकी सरगना एक एएसआइ की पत्नी थी और कर्ज उतारने तथा जल्द अमीर बनने के लिए 24 साल के बेटे के साथ लूट करना शुरू कर दिया। उनका एक साथी 23 वर्षीय होटल मैनेजमेंट करने वाला छात्र था जो इसलिए साथ था कि जल्द पैसा कमा कर होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने के बाद अपना होटल खोल सके। 

कई मामलों में अच्छे घरानों के बच्चे भी शामिल

दो साल में दर्ज हुए मामलों में कुछ मामले ऐसे भी सामने आए हैं, जिनमें अच्छे घरों के बच्चे भी शामिल रहे थे। बीते साल जून में मकसूदां पुलिस ने लुटेरा गिरोह पकड़ा तो उसका मास्टरमाइंड एनआरआइ का बेटा निकला। पिता ग्रीस में था और बेटा महंगे शौक पूरे करने के लिए लुटेरा बन गया। बीते वर्ष अगस्त में अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले फौजी के खिलाफ लूटपाट का मामला दर्ज हुआ था जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

बच्चों का ध्यान रखें परिजन

मनोवैज्ञानिक अतुल कुमार का कहना है कि फिल्मों, गीतों में युवाओं को बड़ी गाडियां लेकर चलते, महंगे हथियार चलाते देखकर युवा खुद को उसी तरह का देखना चाहते हैं। घरवालों की तरफ से महंगे शौक पूरे न कर पाने के कारण अपराध के रास्ते पर निकल पड़ते हैं। परिजनों को चाहिए कि अपने बच्चों को मानसिक तौर पर दृढ़ बनाएं और समय-समय पर उनकी काउंसलिंग करते रहें। इसके अलावा यह जरूर ध्यान रखें कि बच्चा कैसी संगत में है। 

डीसीपी गुरमीत सिंह का कहना है कि युवाओं का गलत रास्ते पर चलना चिंता का विषय है। लेकिन इसे रोकना पुलिस के बस में नहीं, बल्कि परिजनों के बस में है। युवाओं को मेहनत करना सिखाना चाहिए। पुलिस भी समय-समय पर सेमिनार लगा कर युवाओं को नशे से दूर रहने और खेलों में जाने के लिए प्रेरित करती रहती है। लेकिन जो युवा रास्ते से भटक कर अपराध करने लग जाते हैं उनके खिलाफ कार्रवाई करना भी जरूरी है और इस मामले में पुलिस ने हमेशा सख्त रवैया ही अपनाया है। 

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Posted By: Sat Paul

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