संवाद सहयोगी, जंडियाला गुरु (अमृतसर)। गत 5 मई को पुलिस थाना तरसिक्का की डेहरीवाल सड़क पर मंजीत सिंह के कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। जांच में बड़ा रहस्योउद्घाटन हुआ है। पति के बीमा के 15 लाख रुपये हड़पने के लिए बीमा एजेंट पत्नी ने ही उसकी हत्या की थी। वह पति की लंबी बीमारी से तंग थी और पति की मौत के बाद बीमे की राशि पाना चाहती थी। 

डीएसपी सुखविंदरपाल सिंह ने बताया कि गत 5 मई को सुबह मंजीत सिंह पुत्र स्वर्ण सिंह निवासी गांव बुलारा, थाना मत्तेवाल अपनी पत्नी नरिंदर कौर के साथ ब्यास अस्पताल से दवाई लेने के लिए निकला था। इसके बाद उसका लहूलुहान शव थाना तरसिक्का के अंतर्गत डेहरीवाल की सड़क पर मिला था। उसकी पत्नी को भी घायल अवस्था में पाया गया था। एसपी डी मनोज ठाकुर के दिशा निर्देश पर फोरेंसिक साइंस और आधुनिक तकनीक के साथ जांच में पाया कि मंजीत सिंह पिछले करीब 20 वर्षों से विभिन्न बीमारियों से जूझ रहा था। उसकी दवाई ब्यास अस्पताल से चल रही थी। जिसके चलते बच्चों की पढ़ाई का खर्चा और घर का गुजारा बहुत मुश्किल से चल पा रहा था । इस कारण पति पत्नी में अक्सर झगड़ा होता रहता था।

हत्या करके लूट का रचा ड्रामा

मंजीत की पत्नी एलआईसी एजेंट भी थी। उसने अपने पति का 15 लाख रुपये का बीमा किया हुआ था। नामिनी भी वह खुद ही थी। अपने बीमार पति से छुटकारा पाने और बीमे के 15 लाख रुपये हड़पने के लिए 5 मई को ब्यास अस्पताल दवाई लेने जाते समय नरिंदर कौर ने रास्ते में डेहरीवाल सड़क पर तेजधार हथियार से कत्ल कर दिया था। पुलिस को गुमराह करने के लिए कत्ल की घटना को लूट की घटना बताया गया था।

पुलिस थाना तरसिक्का के एसएचओ की अगवाई में कार्रवाई करते हुए नरिंदर कौर को गिरफ्तार करते हुए वारदात में उपयोग किया गया तेजधार हथियार और मृतक का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है । बाकी जांच की जा रही है कि इस कत्ल में उसके साथ और कौन कौन शामिल था।

Edited By: Pankaj Dwivedi