जालंधर, जेएनएन। ब्लड बैंक की ओर से ओ पॉजिटिव की जगह ए पॉजिटिव ब्लड देने से मरीज की हालत बिगडऩे पर परिजनों ने ब्लड बैंक के बाहर हंगामा किया। नागरा के रहने वाले नवकेतन ने बताया कि उनके चाचा त्रिलोक नाथ रतन अस्पताल में भर्ती हैं। सोमवार को उन्हें खून चढ़ना था तो वे ओहरी अस्पताल के ब्लड बैंक से ओ पॉजिटिव ग्रुप का खून लेकर आए। डॉक्टरों ने जब उन्हें खून चढ़ाया तो उनकी सेहत खराब होने लगी, जिस पर डॉक्टरों ने काबू पा लिया। करीब दो घंटे बाद जब उन्हें दोबारा खून चढ़ाया जाने लगा तो उनकी हालत फिर बिगड़ने लगी।

अस्पताल के लैब टेक्नीशियन संदीप नंदा ने बताया कि दो बार रिएक्शन होने के बाद वह परिजनों के साथ ब्लड बैंक में गए और वहां मौजूद टेक्नीशियन को ब्लड ग्रुप जांचने की बात कही। जब जांच की गई तो वह ए पॉजिटिव निकला, जबकि बैग पर ओ पॉजिटिव का स्टीकर लगा हुआ था। गलत खून देने पर मरीज के परिजनों ने ब्लड बैंक के बाहर ही रोष प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना है कि ब्लड बैंक की गलती के कारण उनके मरीज की हालत खराब हुई है।

उधर, मौके पर पहुंचे सब इंस्पेक्टर बसंत सिंह का कहना है कि किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने के बाद बनती कार्रवाई की जाएगी। मौके पर भाजपा नेता रोबिन सांपला व अन्य लोग भी पहुंचे और उन्होंने ब्लड बैंक के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही। 

ब्लड बैंक के मालिक ने आरोप नकारे

वहीं, ओहरी अस्पताल के ब्लड बैंक मालिक माइकल ओहरी ने आरोपों को नकारा है। उनका कहना है कि ब्लड बैंक स्तर पर कई गलती नहीं हुई है। उन्हेंं जो पर्ची दी गई है उसी के आधार पर खून जारी किया गया है। वह हर पहलु की खुद भी जांच कर रहे हैं।

 

Posted By: Pankaj Dwivedi

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