फिल्लौर, (जालंधर) जेएनएन।  आढ़ती एसोसिएशन के आह्वान पर पंजाब भर की 150 मंडियों से करीब पांच हजार आढ़तियाें ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खाेल दिया है। इस दौरान रविंदर सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार ने कैबिनेट की मंजूरी के बिना ही कृषि कानून में संशोधन कर कृषि मंडीकरण व्यवस्था तोडऩे का काम किया है।

उन्होंने अाराेप लगाया कि सरकार ने बादल सरकार के समय किसान और आढ़तियों की रजामंदी के साथ हुए समझौतों को खत्म व संशोधित किया है। इससे पंजाब की कृषि मंडीकरण व्यवस्था टूट जाएगी। पंजाब में 90 फीसद किसान आढ़तियों से चेक के माध्यम से पेमेंट लेते थे, लेकिन नए कानून में अब चेक से अदायगी खत्म कर दी है। यदि पोर्टल को लागू करना हो तो आढ़ती से किसान को फसल बीजने से लेकर फसल पकने तक नकद व चेक द्वारा किए गए सभी लेन देन इसमें दर्ज करने चाहिए। जितनी देर पोर्टल व्यवस्था नगद और चेक द्वारा की गई रकमें नहीं उठाती, उतनी देर पोर्टल को आढ़तियों पर लागू न किया जाए।

मांगें न मानीं तो मंडियां बंद कर दी जाएंगी

इजलास में फैसला किया गया कि यदि सरकार ने किसानों व आढ़तियों की मांगें न मानीं तो एक अप्रैल से पंजाब की सभी अनाज मंडियां बंद कर दी जाएंगी। मुख्यमंत्री की रिहायश के बाहर किसान व आढ़ती पक्का मोर्चा लगाएंगे। सरकार ने आधार पोर्टल कमीशन न दी तो एक अप्रैल से गेहूं की खरीद का बायकॉट करेंगे। इस मौके पर फिल्लौर आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान गुलशन कुमार आहूजा ने सभी मेहमानों का स्वागत किया। इस मौके पर सुदेश गुप्ता, विशाल गुप्ता, चितंदर सीटा, इन्द्रजीत बांसल, अशोक गुप्ता, भारत भूषण अग्रवाल, जयपाल, डिंपल पम्मा आदि मौजूद थे। 

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Posted By: Vipin Kumar

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