जालंधर, जेएनएन। जिले में खुले नशा छुड़ाओ केंद्र और ओट सेंटरों का दस महीने में 14,730 लोगों ने लाभ उठाया। कार्यकारी डीसी कुलवंत सिंह ने इसे अच्छा संकेत बताते हुए कहा कि इससे नशे पर निर्भर लोगों व उनके परिजनों को आस की नई किरण दिखी है।

आंकड़ों के मुताबिक जालंधर सिविल अस्पताल स्थित मॉडल नशा छुड़ाओ केंद्र व नूरमहल के नशा छुड़ाओ केंद्र से दस महीने में नशा करने वाले 6,496 लोगों की जांच की गई। ओट सेंटरों में 8,234 लोगों की जांच हुई। इसमें गांव शेखे में 3332 की ओपीडी भी शामिल है। नकोदर में 1731, फिल्लौर में 606, नूरमहल में 310, आदमपुर में 1060, करतारपुर में 338, अपरा में 427, शाहकोट में 262, काला बकरा में 79 और लोहियां खास में 89 नशे पर निर्भर लोग इलाज के लिए आ रहे हैं।

कार्यकारी डीसी कुलवंत सिंह ने कहा कि नशे के आदी लोगों का इन सेंटरों में आना जाहिर करता है कि वो नशा छोडऩे का पक्का इरादा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि जब तक जिला पूरी तरह नशामुक्त नहीं हो जाता, प्रशासन की कोशिश लगातार जारी रहेगी।

 

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Posted By: Vikas Kumar

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