जासं, जालंधर : टोक्यो ओलिंपिक में भारतीय हाकी पुरुष टीम के बाद महिला हाकी टीम ने भी आस्ट्रेलिया को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। क्वार्टर फाइनल में लायलपुर खालसा कालेज फार वूमेन की छात्र रही गुरजीत कौर ने गोल करके इतिहास रच दिया। आस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच से एक दिन पहले गुरजीत कौर ने जालंधर में कोच कुलबीर सैनी को फोन किया था। बताया था पेनाल्टी कार्नर सही नहीं लग रहे। गोल में तब्दील नहीं हो रहे। कोच ने बताया कि फोन पर वह मायूस दिख रही थी जिसके बाद उन्होंने गुरजीत को बताया कि उसके पेनाल्टी कार्नर की स्पीड कम है। गोल करने के कुछ टिप्स भी दिए जिसे अपनाकर गुरजीत आस्ट्रेलिया के खिलाफ पेनाल्टी कार्नर को गोल में तब्दील करने में सफल हुई।

गुरजीत कौर ने वर्ष 2015-18 तक कालेज से स्नातक की पढ़ाई की थी। कालेज की प्रिसिपल डा. नवजोत ने कहा कि छठी कक्षा से ही गुरजीत हाकी खेल रही है। गुरजीत कौर के बीच हाकी का जज्बा इतना था कि जब भी कालेज में फ्री पीरियड होता, हाकी स्टिक पकड़कर मैदान में पहुंच जाती थी। खाली समय में गुरजीत कौर को मैदान में देखा जा सकता था। उधर गुरजीत कौर के शानदार प्रदर्शन पर कालेज स्टाफ सदस्य खुशी से झूम उठे। स्टाफ सदस्यों के चेहरों पर खुशी देखी जा सकती थी। स्टाफ व छात्राओं ने पुरुष व महिला टीम को कहा-चक्क दे इंडिया। गुरजीत की बड़ी बहन हाकी अकादमी में कोच

गुरजीत कौर की बड़ी बहन प्रदीप कौर संसारपुर हाकी अकादमी में कोच है। प्रदीप कौर ने बताया कि गुरजीत कौर ने गोल करके देश का नाम रोशन किया है। दोनों ने एक साथ हाकी खेलने का सफर शुरू किया था। गुरजीत की बचपन में ही हाकी खेलने में रुचि पैदा हो गई थी जिसके चलते कैरों स्पो‌र्ट्स विग में उसका दाखिल करवा दिया था। सुरजीत हाकी सोसायटी ने महिला टीम को दी बधाई

जालंधर के डीसी व सुरजीत हाकी सोसायटी के अध्यक्ष घनश्याम थोरी, कार्यकारी अध्यक्ष परगट सिंह व सचिव इकबाल सिंह संधू व प्रमुख पीआरओ सुरिदर सिंह भापा ने भारतीय हाकी टीम को बधाई दी। कहा कि लड़कियों की इस ऐतिहासिक जीत ने देश को सम्मानित किया। आगामी मैचों में शानदार प्रदर्शन करने के संदेश दिया। उन्होंने कहा कि टीम मनोबल व उत्साह के साथ खेल रही है।

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