दीपक कुमार, करतारपुर : तहसील परिसर स्थित सेवा केंद्र में पांच दिनों से पहचान पत्र बनवाने के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ रही है। इससे अन्य काम करवाने वाले उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। खास बात है कि ये महिलाएं कौन-सा पहचान पत्र बनवाने आई हैं, इस बारे न तो घंटों लाइन में लगने वाली महिलाओं को पता है और न ही उच्च अधिकारियों को।

'दैनिक जागरण' की टीम ने शुक्रवार को सेवा केंद्र करतारपुर में जाकर देखा तो वहां सैकड़ों महिलाएं कतारबद्ध होकर फार्म जमा करवाने के लिए लाइनों में खड़ी थी। कुछ महिलाएं तहसील परिसर स्थित बूथों से फार्म भरवा रहीं थीं।

इस संबंधी जब महिला सत्या देवी से पूछा तो उसने कहा कि वह सेवा केंद्र में अपना पहचान पत्र बनवाने आई है। प्रधानमंत्री मोदी ने दो हजार रुपये प्रतिमाह देना है। इसी तरह वहां मौजूद महिलाओं के अलग-अलग विचार सामने आए। इस संबंध में जब नायब तहसीलदार मनोहर लाल से मिलना चाहा तो पता लगा कि वे किसी काम से चंडीगढ़ गए हैं। वहां मौजूद कर्मचारी तजिदर सिंह ने बताया कि उन्हें खुद नहीं पता कि महिलाएं कौन सा पहचान पत्र बनवाने आई हैं। सेवा केन्द्र इंचार्ज अजय ने बताया कि महिलाओं द्वारा लाए फार्म को फीड करने के बाद डिपार्टमेंट ऑफ लेबर पंजाब सरकार का डोमेस्टिक वर्कर कार्ड बनकर आता है। उस कार्ड को पेपर में प्रिट करके उक्त महिलाओं को दिया जाता है, जिसके दस रुपये लिए जाते हैं। जबकि महिलाओं का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी की योजना का कार्ड बनवाने आई हैं।

सेवा केंद्र में 100 रुपये में भर रहे फार्म

बता दें कि आनन-फानन में फार्म जमा करवाने आ रही महिलाएं गुमराह भी हो रही हैं। सेवा केंद्र में महिलाओं से 100 रुपये व बाहर 30 रुपये में फार्म भरे जा रहे हैं। फार्म भरने में ऐसी कोई पेचीदगी नहीं है, लेकिन अधिकतर महिलाएं बुजुर्ग व अशिक्षित होने के चलते उन्हें सरेआम लूटा जा रहा है। सेवा केंद्र में बकायदा लिखकर भी लगा दिया है कि फार्म भरने की फीस 100 रुपये है।

नायब तहसीलदार मामले से अनजान

महिलाओं की बढ़ती भीड़ के मामले में जब नायब तहसीलदार मनोहर लाल से संपर्क किया गया तो उन्होंने ऐसी कोई भी योजना (जिसमें मोदी सरकार दो हजार रुपये देगी) के बारे अनभिज्ञता जाहिर की। कर्मचारी तजिदर सिंह ने लेबर विभाग से संपर्क किया तो वहां से भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई। हालांकि यह पहचान पत्र लेबर विभाग द्वारा घरों में सफाई, रोटी बनाने व अन्य कार्य करने वाली महिलाओं का बनाया जाता है।

पांच दिन में भरे 600 फार्म

सेवा केंद्र के इंचार्ज अजय कुमार ने बताया कि रुटीन में लगभग 150 महिलाओं की एंट्री होती है, जिसमें 120 के करीब महिलाएं ऐसी ही होती हैं, जिन्हें खुद पता नहीं होता कि वे क्या फार्म भरवा रही हैं। पांच दिनों में करीब 600 फार्म भरे जा चुके हैं।

दो हजार के लालच में परेशान हो रही हैं महिलाएं

प्रधानमंत्री मोदी ने हर महिला को दो हजार रुपये देने हैं। इसी अफवाह के चलते महिलाएं रोजाना सेवा केंद्र में आ रही हैं। लेकिन किसी भी महिला को स्पष्ट जानकारी नहीं है।

Posted By: Jagran

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