जागरण संवाददाता, जालंधर। पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से नई पार्टी लांच किए जाने की चर्चाओं के बीच अकाली दल ने पूर्व मुख्यमंत्री के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को जालंधर दौरे पर आईं वरिष्ठ अकाली दल नेता और सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से नई पार्टी बनाने की घोषणा और भाजपा के साथ गठबंधन पर सकारात्मक रुख से साफ हो गया है कि कैप्टन और भाजपा पहले से ही मिले हुए थे। बता दें कि एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री पद से हटाए गए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नई पार्टी बनाने की ओर संकेत किया है। उन्होंने बीएसएस को और अधिकार दिए जाने के मामले में सीएम चरणजीत सिंह चन्नी पर भी निशाना साधा है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव 2017 में भी भारतीय जनता पार्टी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को जिताने में मदद की थी। हरसिमरत बादल ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह कृषि सुधार कानूनों पर बनी कमेटी के 2019 तक मेंबर रहे और उनकी मर्जी से ही यह कानून पास किए गए थे। उन्होंने कहा कि कैप्टन और भाजपा दोनों ने ही पंजाब का नुकसान किया है। इन दोनों के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाकर कांग्रेस ने झूठे वादों से हो रहे नुकसान से बचने की कोशिश की है लेकिन इसका फायदा उसे नहीं मिलेगा।

सीएम चन्नी पर भी लगाया भाजपा से मिलीभगत का आरोप

हरसिमरत बादल ने कहा कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी भाजपा से मिलीभगत करके बॉर्डर का 50 किलोमीटर एरिया केंद्र को सौंप दिया है। सिंघु बार्डर पर लखबीर सिंह की हत्या के मामले में उन्होंने कहा कि अकाली दल शुरू से ही इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहा है क्योंकि इसमें साजिश का एंगल भी नजर आ रहा है।

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Edited By: Pankaj Dwivedi