जेएनएन, जालंधर। कनाडा के रक्षा मंत्री हरजीत सिंह सज्जन से उनके भारत दौरे के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के न मिलने का मुद्दा विदेशी धरती कनाडा में पूरी तरह से गरमा गया है। गर्मख्याली इस पर पूरी तरह से भड़क उठे हैं। कनाडा के सरी में बैसाखी उत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान गर्मख्यालियों ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को सरेआम धमकियां देते हुए कहा कि वह पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हश्र को न भूलें।

बैसाखी पर्व पर निकाले गए नगर कीर्तन के अवसर पर गर्म ख्यालियों ने संगत को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को याद दिलाया कि उनकी पार्टी ने बेअंत सिंह को मुख्यमंत्री बनाया था जिसकी बाद में बोटी-बोटी इकट्ठी करके अंतिम संस्कार करना पड़ा था। गर्मख्यालियों ने कहा कि बेअंत सिंह का पोता सांसद रवनीत सिंह बिट्टू भी सिखों को आतंकी कहता है, उन्होंने बिट्टू को भी चेतावनी दी कि बिट्टू शायद अपने दादा का हश्र भूल गए हैं।

गर्मख्यालियों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की हजूरी में कसम खाते हुए कैप्टन को धमकी देते हुए कहा कि कैप्टन ने कनाडा के रक्षा मंत्री को आतंकवादी कहकर सिख समुदाय का सिर शर्म से नीचा किया है। ऐसा ही कैप्टन की पत्नी परनीत कौर जब विदेश मंत्री थी तो उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री से कहा था कि कनाडा में रहने वाले सिख आतंकी हैं, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री ने विदेश मंत्री को जवाब दिया कि उनके देश में सिख रहते हैं न कि आतंकवादी। बैसाखी नगर कीर्तन के अवसर पर लगाए गए अपने मंच पर गर्मख्यालियों ने कहा कि पंजाब की माताओं ने अभी तक दिलाबर सिंह जैसे सूरमे पैदा करने बंद नहीं किए हैं।

उन्होंने कहा कि कनाडा आने पर अमरिंदर सिंह या उनके किसी भी पारिवारिक सदस्य का ऐसा स्वागत किया जाएगा कि उनकी पुश्ते याद रखेंगी। गर्मख्यालियों ने इस धमकी भरी वीडियो को सोशल मीडिया पर भी वायरल किया है।

पूर्व डीजीपी केपीएस गिल पर भड़ास निकालते हुए कहा कि गिल सिख कौम का कातिल है। गिल ने सिखों के छोटे-छोटे बच्चों को घरों से भगा-भगा कर उनका शिकार किया है। कैप्टन के मुख्यमंत्री बनते ही सबसे पहले गुलदस्ता देने के लिए उनके पास पहुंचे और कनाडा के रक्षा मंत्री से न मिलने का फैसला भी उन्होंने गिल की सलाह से लिया है। गर्मख्यालियों ने कैप्टन को ललकारते हुए कहा कि यह कनाडा का सरी है उनका पटियाला नहीं। एक बार आकर दिखाएं फिर हम बताएंगे कि उनका स्वागत किस तरीके से होता है।

कैप्टन की तरफ नहीं, भारत की तरफ देखें कनाडाई सिख

कैप्टन का कनाडा के रक्षा मंत्री हरजीत सिंह सज्जन से न मिलना गैर जिम्मेदाराना था। हम उसकी निंदा की थी। परंतु कनाडा के सिख समुदाय को कैप्टन के निजी फैसले की बजाए यह देखना चाहिए कि भारत सरकार ने उनका किस तरह गर्मजोशी से स्वागत किया। कैप्टन इंडिया नहीं हैं, भारत सरकार इस देश का नेतृत्व करती है। इस मुद्दे पर नफरत की राजनीति करने वालों की भी हम निंदा करते हैं। 1-विजय सांपला, भाजपाध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री।

सज्जन अपना स्टैंड स्पष्ट करें

कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत का कहना है कि कनाडा के रक्षा मंत्री हरजीत सिंह सज्जन को गर्मख्यालियों की राजनीति पर अपना स्टैंड स्पष्ट करना चाहिए। इस तरह की नफरत भरी राजनीति की वजह से ही कैप्टन ने सज्जन से मिलने से मना किया था। जिसने कैप्टन को सही साबित किया है।

कनाडाई सिख सचेत रहें

कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर बाजवा का कहना है कि कैप्टन ने सज्जन का विरोध नहीं किया था बल्कि उन्होंने उनसे मिलने से मना किया था। कनाडा में नफरत की राजनीति करने वालों से वहां के सिख सचेत रहें।

Posted By: Kamlesh Bhatt

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