संवाद सहयोगी, बमियाल (पठानकोट)। शहर से महज 25 किलोमीटर दूर स्थित कथलौर सेंक्चुअरी पर वन्य जीव विभाग ने 1.2 करोड़ रुपये खर्च कर इसे सैलानियों के लिए विकसित किया है, जिसका बुधवार को डीसी संयम अग्रवाल डिप्टी कमिश्नर पठानकोट व जोगिंदर पाल विधायक ने उद्घाटन करके लोगों को समर्पित कर दिया। डीसी संयम अग्रवाल व जोगिन्द्र पाल विधायक ने संयुक्त रूप से सैलानियों को अपील करते हुए कहा कि वह इस धरोहर को बचाने में वन्य जीव विभाग का सहयोग करें। सेंक्चुअरी में प्लास्टिक की चीज, खाने-पीने की वस्तुएं न लेकर जाएं। किसी भी जानवर को खाना खिलाने या उसे तंग परेशान करने की कोशिश न करें। यात्रा के दौरान अनुशासन का पालन करें। समारोह में सुरेंद्र लांबा एसएसपी पठानकोट, संदीप सिंह एडीसी (जरनल), लक्षमण सिंह तहसीलदार पठानकोट, आदित्य एएसपी ग्रामीण पठानकोट, गुरूसिमरन सिंह ढिल्लों एस.डी.एम. पठानकोट, राजेश महाजन, डीएफओ वन्य जीव विभाग पठानकोट, दीपक कपूर रेंज अधिकारी, बख्शीश सिंह ब्लाक रेंज अधिकारी, गुरुविन्द्र सिंह वणगार्ड, अमन कुमार व अन्य विभागीय अधिकारी व पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे।

बांस की झोपड़ी में बैठकर उठा सकेंगे खाने का लुत्फ

डीसी संयम अग्रवाल ने बताया कि वन्य जीव विभाग द्वारा तैयार योजना के मुताबिक सेंक्चुअरी में एक बड़ा जलाशय (पौंड) बनाया गया है। उसमें एक 800 बाय 100 फीट का आइलैंड बनाकर पास में ही कैफेटेरिया बनाया गया है। आइलैंड में बांस की झोपडिय़ां  बनाई गई हैं। जहां बैठकर लोग खाने का लुत्फ उठा पाएंगे। जलाशय में मछलियों के अतिरिक्त डक्स और स्वान होंगे। बताया कि इसके अतिरिक्त और भी लोगों के देखने के लिए बहुत कुछ हैं।

नेचर ट्रेल में कर सकेंगे ट्रैकिंग

वन्य जीव विभाग के डिवीजनल फॉरेस्ट अफसर राजेश महाजन ने बताया कि नेचर ट्रेल में लोग ट्रैकिंग कर पाएंगे। वहां साइनेज बोर्ड पर हर पक्षी या जानवर की बहुतायात संबंधी जानकारी दी गई है। वहीं, नेचर ट्रेल में सैलानी अपनी एक महीने की ऑक्सीजन की कमी पूरी कर पाएंगे। इसके अतिरिक्त ट्रैकिंग के दौरान बारिश से बचने के लिए रेन शेल्टर भी बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में कथलौर सेंक्चुअरी में हजारों की संख्या में राष्ट्रीय पक्षी मोर हैं। वहीं, बड़ी संख्या में जंगली जीव मौजूद हैं। जिनमें सैलानी जंगली बिल्ला, रसल वाइपर स्नेक, पायथन, बार्किंग डीयर, हॉग डीयर, सांभर, जैकाल, पाक्र्यूपाइन, पैंगोलियन, मानिटर लिजर्ड, जंगली खरगोश, ग्रेट कोकुल, स्पॉटर्ड आउलेट, जंगली सुअर, जंगली मुर्गे के दीदार कर पाएंगे।

1.2 करोड़ रुपये विकसित हुई कथलौर सेंक्चुअरी

वर्णनीय है कि 1837 एकड़ में फैली इस सेंक्चुअरी में पर्यटकों के लिए 1.2 करोड़ रुपये से पांच किमी. लंबी नेचर ट्रेल, आक्सीजन वाक, आइलैंड, वाच टावर, रेन शेल्टर, तलाब, स्मृति वन, बांस की हट और कैफेटेरिया बनवाए गए हैं। इसके अतिरिक्त सेंक्चुअरी का भ्रमण करने के लिए पर्यटकों को 10 सीटर गोल्फ कार्ट (साउंडलेस) और 10 साइकिल की सुविधा भी दी जाएगी। वहीं, बच्चों के खेलने के लिए एक्टिविटी प्वाइंट्स होंगे जिसमें कमांडो नेट और बर्मा ब्रिज बनेंगे।

तीन जोन बांटा है सेंक्चुअरी को, कोर जोन में नहीं जा सकेंगे पर्यटक

कथलौर सेंक्चुअरी में 30-30 मीटर ऊंचे वाच टावर बनाए गए हैं। इनसे सैलानी पूरे जंगल और रावी दरिया का मनमोहक दृश्य देख पाएंगे। इसके अतिरिक्त कथलौर सेंक्चुअरी को तीन जोन में बांटा है। इनमें सबसे पहले ईको सेंसेटिव जोन और फिर बफर जोन होंगे। यहां पर्यटकों को जाने की इजाजत मिलेगी। सेंक्चुअरी के बीचों-बीच कोर जोन बनाया गया है। जहां पर्यटकों के जाने पर प्रतिबंध होगा। ईको सेंसटिव और बफर जोन में पर्यटकों को नियंत्रित तरीके से भ्रमण करने की आजादी होगी।

Edited By: Vinay Kumar