जालंधर, [मनुपाल शर्मा]। नगर निगम के सफाई मुलाजिमों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर शहर में दिखने लगा है। पहले दिन बुधवार को शहर से कूड़ा न उठाए जाने के कारण पहले से एक हजार टन कूड़े से भरे डंप पर दूसरे दिन 500 टन कूड़ा और इकट्ठा हो गया। इसी बीच बारिश ने शहरवासियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। शहर में पिछले दो दिन से कूड़े की लिफ्टिंग न हो पाने के चलते नर्क से हालात बन गए हैं। वहीं रुक-रुक कर हो रही बरसात ने स्थिति को बद से बदतर कर दिया है। शहर भर में कूड़े के ढेर लगे हैं, बदबू उठ रही है और अब तो शहर वासियों को किसी बीमारी भी फैलने का डर सताने लगा है। मेयर तो मंत्री, विधायकों और सांसद को सूचित कर अपने सिर से भार उतरा हुआ बता रहे हैं। मंत्री अभी तक मुलाकात ही नहीं कर सके हैं और विधायकों ने प्रथम जिम्मेदारी प्रथम नागरिक की ही बता जनता को भगवान के भरोसे छोड़ दिया है। 

मेयर ने कांग्रेस विधायकों और सांसद को ठहराया जिम्मेदार

लोग शहर में बीमारियां फैलने से डरे हुए हैं तो वहीं शहर के प्रथम नागरिक नगर निगम के मेयर जगदीश राज राजा इसके लिए खुद को जिम्मेदार ठहराने की बजाय चारों कांग्रेसी विधायकों और सांसद को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि मुलाजिमों की हड़ताल के बारे में उन्होंने चारों विधायकों और सांसद को बता दिया था, लेकिन किसी ने भी हड़ताल को खत्म करने के लिए पहल नहीं की। वहीं विधायक भी जनता की मुश्किलों को हल करने की बजाय इसके लिए मेयर को ही जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। ऐसे में लोगों को घरों और शहर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेरों से जल्द निजात मिल जाए इसके आसार भी दिखाई नजर नहीं आ रहे। मेयर जगदीश राजा ने दावा किया है कि उन्होंने नगर निगम के सफाई मुलाजिमों की हड़ताल के बारे में पहली फरवरी को ही स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू, सांसद चौधरी संतोख सिंह एवं शहर के चारों विधायकों को सूचित कर दिया था और कोई वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए कहा था।

सिद्धू के साथ मुलाजिमों की बैठक कर निकलवाएंगे हल : चौधरी संतोख सिंह

इस संबंध में कांग्रेसी सांसद चौधरी संतोख सिंह का कहना है कि शुक्रवार को दोपहर दो बजे चंडीगढ़ में स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के साथ मेयर, कमिश्नर एवं सफाई मुलाजिम यूनियन की बैठक रखी गई है। इस बैठक में इस गतिरोध को खत्म करने के लिए कोशिश की जाएगी।

राजा अब तो खुद को मेयर मान लें: परगट

जालंधर छावनी के विधायक परगट सिंह ने कहा कि रेवेन्यू जेनरेशन से लेकर एग्जीक्यूशन तक सारी जिम्मेदारी बतौर प्रथम नागरिक होने के नाते मेयर जगदीश राजा की बनती है, जो अभी तक खुद को शायद शहर का मेयर मान ही नहीं सके हैं और विपक्ष के पार्षद की तरह अपनी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मात्र सरकार को बता देने भर से राजा खुद को जिम्मेदारी से अलग नहीं कर सकते हैं। परगट सिंह ने कहा कि मेयर राजा ने तो उन्हें वीरवार शाम तक भी इस हड़ताल के बारे में सूचित नहीं किया है। उन्हें तो बुधवार को विधायक राजेंद्र बेरी एवं सांसद से हुई बात से ही इसके बारे में पता चला।

हड़ताल की जानकारी थी, लेकिन हल तो मेयर का अधिकार क्षेत्र : बावा

जालंधर नॉर्थ के विधायक बावा हैनरी ने कहा कि जब यूनियन ने ज्ञापन दिया था तभी पता था कि हड़ताल हो जाएगी और ऐसी समस्या उत्पन्न हो सकती है। मात्र जानकारी होने से विधायक क्या कर सकते हैं? यह अधिकार क्षेत्र स्थानीय निकाय मंत्री अथवा मेयर का है। शुक्रवार को स्थानीय निकाय मंत्री से मीटिंग रखी गई है। प्रबल संभावना है कि इस बैठक में मामले का हल निकल आएगा।

मेयर रेवेन्यू बढ़वाएं और सफाई मुलाजिमों की व्यवस्था करें :  रिंकू

जालंधर वेस्ट के विधायक सुशील कुमार रिंकू ने कहा कि मेयर की जिम्मेदारी बनती है कि वह शहर में से रेवेन्यू इकट्ठा करवाएं और सफाई मुलाजिमों की व्यवस्था करें। रिंकू ने कहा कि वह यूनियन की मांग से सहमत हैं कि सफाई व्यवस्था सुचारू चलाने के लिए मुलाजिमों की भर्ती की जाए। इसके साथ ही रिंकू हड़ताल संबंधी कोई जानकारी होने से भी इनकार कर दिया।

हड़ताल संबंधी मेयर ने नहीं दी थी कोई जानकारी :  बेरी

जालंधर सेंट्रल के विधायक राजेंद्र बेरी ने कहा कि उन्हें पहली फरवरी को मेयर की तरफ सफाई मजदूरों की हड़ताल संबंधी कोई जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि यूनियन की मांगों संबंधी वह भलीभांति परिचित हैं। 

बैठक में हल नहीं निकला तो पंजाब भर में होगी हड़ताल : चंदन ग्रेवाल

नगर निगम में हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मियों को संबोधन करते पंजाब सफाई मजदूर फेडरेशन प्रधान चंदन ग्रेवाल।

दो दिन से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकाली हड़ताल पर बैठे निगम के सफाई मजदूर यूनियन के प्रधान चंदन ग्रेवाल ने कहा कि अगर शुक्रवार को चंडीगढ़ में होने वाली बैठक में यूनियन की मांगों को स्वीकार नहीं किया गया तो फिर हड़ताल जालंधर में ही नहीं, बल्कि पूरे पंजाब में होगी। उन्होंने कहा कि जालंधर में मात्र 1800 सफाई मुलाजिम हैं, जो 80 वार्डों में कूड़े की लिफ्टिंग का काम करते हैं। यह संभव ही नहीं है। लुधियाना शहर में 100 वार्ड हैं और 8,000 सफाई मुलाजिम वहां पर उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जालंधर में भी कम से कम 6000 सफाई मुलाजिम तो होने ही चाहिए। चंदन ग्रेवाल ने कहा कि वह तो आप इस बात से भी सहमत हैं कि सफाई मुलाजिम ठेके पर रखे जाएं, लेकिन नगर निगम जालंधर सीधे तौर पर उन्हें नियुक्ति दे। वेतन ठेके के मुताबिक हो सकता है। चंदन ग्रेवाल ने कहा कि वह तो बैठक के लिए तैयार हैं।

सिद्धू ने आज तक नहीं दिया मिलने का वक्त : मेयर जगदीश राजा

मेयर जगदीश राजा ने कहा कि वह तो एक फरवरी से स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू से संपर्क करने का प्रयत्न कर रहे हैं, लेकिन मंत्री ही मुलाकात का समय नहीं दे पा रहे। उन्होंने कहा कि पहले नवजोत सिद्धू ने विधानसभा सत्र के बाद बैठक करने की बात कही थी। बुधवार को भी चंडीगढ़ में थे और सांसद संतोष चौधरी के साथ सिद्धू को मिलने के लिए गए थे, लेकिन मुलाकात संभव नहीं हो सकी। वीरवार को भी उन्हें चंडीगढ़ बुलाया गया वह और कमिश्नर चंडीगढ़ के लिए रवाना हुए, लेकिन नवांशहर के नजदीक जाकर ही उन्हें वापस लौटना पड़ा।

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Posted By: Sat Paul

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