जेएनएन, जालंधर। पंजाब में सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को भड़काकर दंगे और हिंसा फैलाने की साजिश को काउंटर इंटेलिजेंस ने नाकाम कर दिया है। इंटेलिजेंस की साइबर सेल ने बंगा से आइएसआइ के चार युवकों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए मनवीर सिंह, जस्सा, धीरा और सनी चारों वाट्सएप और फेसबुक पर फतेह सिंह नाम के पेज से जुड़े हुए थे। पेज को मलेशिया में बैठी पंजाब मूल की दीप कौर उर्फ कुलवीर कौर चला रही है।

पंजाब में हिंसा की कमान संभाले आइएस की कुलवीर कौर ने वाट्सएप पर पंजाब के युवाओं को जोड़ा है। जिसमें वह फतेह सिंह बनकर उन्हें भड़काने का काम करती है। टीम ने पकड़े गए चारों युवकों से पूछताछ शुरू कर दी है। काउंटर इंटेलिजेंस के एआइजी हरकंवलप्रीत सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों के दौरान सामने आया कि सोशल मीडिया पर यूथ को भड़काने की कोशिश हो रही थी।

वहीं शहीद भगत सिंह नगर के सब डिवीजन बंगा में रेफरेंडम 2020 के कई इलाकों में पोस्टर चिपके हुए देखे गए। जिसके बाद ट्रैक करते हुए काउंटर इंटेलिजेंस और शहीद भगत ङ्क्षसह नगर पुलिस ने मिलकर बंगा के गुणाचौर गांव से खानखाना बंगा निवासी मनवीर सिंह, जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सा, सुखविंदर सिंह उर्फ सन्नी और रंधीर उर्फ धीरा को पकड़ लिया।

पूछताछ में पता चला कि चारों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के लिए काम करते हैं। फेसबुक और वाट्सएप पर आइएसआइ की एजेंट दीप कौर रेफरेंडम 2020 पेज के जरिए उन्हें पंजाब में हिंसा फैलाने के निर्देश दे रही थी। चारों के खिलाफ थाना सदर बंगा में केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया जहां पर उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

यूथ का ब्रेन वाश करना है टारगेट

जांच में आया कि आइएसआइ सोशल मीडिया के जरिए पंजाब के 20 साल से कम उम्र के यूथ को टारगेट कर ब्रेन वाश कर रही है। कमान दीप कौर और पाकिस्तान में बैठे एक शख्स को दी गई है। दीप मलेशिया में बैठकर फेसबुक पर फतेह सिंह नाम का फेसबुक पेज चलाती है।

पेज पर जुडऩे वाले पंजाब के यूथ के उसने वाट्सएप ग्रुप भी बना रखे हैं। जिसमें वह युवकों को उनके हक की बात कर ब्रेन वाश करती है। इसके बाद उन्हें लुभावने आफर और रुपयों का लालच देकर ङ्क्षहसा का टास्क देती है। इन चारों को भी 70 हजार रूपए की फंडिंग की थी। जिससे चारों ने एक बाइक खरीदी और बाकी रुपयों से अमृतसर के आशीष उर्फ गुरू खालसा नाम के युवक से अवैध हथियार खरीदे थे।

पहले पोस्टर, फिर शराब की दुकान में आग और इसके बाद आइपीएल में हिंसा था मकसद

चारों ने पूछताछ में बताया कि रेफरेंडम 2020 के जरिए उन्हें दीप कौर ने टास्क दिया था। जिसके जरिए अपने साथ अधिक से अधिक युवकों को जोडऩा था। पहले चरण में पिछले छह माह से चारों शहीद भगत ङ्क्षसह नगर में अलग अलग स्थानों पर रेफरेंडम 2020 के पोस्टर चिपकाकर लोगों में भय बना रहे थे। वहीं बुधवार को शराब की दुकान पर आग लगानी थी, लेकिन काउंटर इंटेलिजेंस ने उन्हें पकड़ लिया।

चारों से 10 लीटर डीजल समेत रेफरेंडम 2020 के पोस्टर भी बरामद हुए हैं। चारों ने कबूला कि उनकी कुछ बसों में आग लगाकर रेफरेंडम 2020 के पोस्टर चिपकाने की योजना थी। ऐसा वह मीडिया का ध्यान खींचने के लिए करने वाले थे ताकि ज्यादा से ज्यादा यूथ उन तक पहुंचता। इसके बाद मोहाली में होने वाले आइपीएल 20-20 मैच में भी ङ्क्षहसा की योजना थी। वहां भी रेफरेंडम 2020 के पोस्टर और पंफलेट फैलाकर इंटरनेशनल मीडिया का ध्यान खींचना था।

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